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शिमला। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है। पार्टी 24 मार्च 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में “जन आक्रोश रैली” आयोजित करेगी, जिसमें देशभर से हजारों मजदूर, किसान, खेत मजदूर, महिलाएं, युवा और छात्र भाग लेंगे। 

माकपा के राज्य सचिव संजय चौहान ने आरोप लगाया कि केंद्र में बीजेपी के नेतृत्व वाली मोदी सरकार के कार्यकाल में लगातार कॉर्पोरेट घरानों और पूंजीपतियों के हित में नीतियां लागू की जा रही हैं, जिसके कारण मजदूरों, किसानों और आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ा है। उनके अनुसार नवउदारवादी नीतियों के चलते देश में महंगाई, बेरोजगारी और कृषि संकट लगातार गहराया है, जबकि बड़े कॉर्पोरेट घरानों की संपत्ति में भारी वृद्धि हुई है। इससे अमीर और अधिक अमीर तथा गरीब और अधिक गरीब होता जा रहा है। 

चौहान ने कहा कि इसी मुद्दे को लेकर पार्टी पूरे देश में अभियान चला रही है। इस अभियान के तहत हिमाचल प्रदेश में भी व्यापक जनसंपर्क कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। पार्टी की राज्य कमेटी ने 9 मार्च से 18 मार्च 2026 तक पूरे प्रदेश में “जन आक्रोश जत्था” निकालने का निर्णय लिया है। इस अभियान को सफल बनाने के लिए प्रदेश के सभी जिलों और लोकल कमेटियों द्वारा गांव और वार्ड स्तर पर जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है। इस राज्यव्यापी जत्थे का नेतृत्व पार्टी के केंद्रीय सचिवालय सदस्य कॉमरेड विक्रम सिंह, राज्य सचिव कॉमरेड संजय चौहान और राज्य सचिवालय सदस्य कॉमरेड राकेश सिंघा करेंगे। इनके साथ अन्य पार्टी नेता और कार्यकर्ता भी विभिन्न स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होंगे। जत्थे के दौरान प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में सभाएं आयोजित की जाएंगी और जनता के मुद्दों को उठाने के लिए नुक्कड़ नाटकों का भी मंचन किया जाएगा।

संजय चौहान ने कहा कि इस अभियान और दिल्ली में होने वाली रैली में कई महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। इनमें मुख्य रूप से मजदूर विरोधी चार लेबर कोड को रद्द करने की मांग, किसान विरोधी मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) और भारत-अमेरिका ट्रेड डील को वापस लेने, वीबी ग्राम योजना को रद्द कर मनरेगा को बहाल करने, बिजली संशोधन बिल-2025 को वापस लेने और स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया रोकने की मांग शामिल है। इसके अलावा घरों और जमीन से बेदखली पर रोक लगाने, सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार भूमिहीन किसानों को जमीन देने के लिए नीति बनाने तथा कम से कम 5 बीघा जमीन देने के लिए कानून में संशोधन करने की मांग भी उठाई जाएगी। उन्होंने दूध का समर्थन मूल्य लागू करने, आपदा प्रभावित परिवारों को घर और खेती के लिए जमीन उपलब्ध कराने तथा उचित राहत देने और राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) को बहाल करने की भी मांग की है। 

पार्टी के राज्य सचिव संजय चौहान ने प्रदेश की जनता से अपील की कि केंद्र सरकार की मजदूर-किसान और आम जनता विरोधी नीतियों के खिलाफ एकजुट होकर इस अभियान में शामिल हों। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक लोग 24 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित जन आक्रोश रैली में भाग लेकर इन नीतियों को वापस लेने के लिए केंद्र सरकार पर दबाव बनाएं। 

प्रदेश में जन आक्रोश जत्था का कार्यक्रम इस प्रकार रहेगा: 

 9 मार्च     नाहन   11:00 बजे प्रातः 

10 मार्च   रोहड़ू     11:00 बजे प्रातः

11 मार्च  रामपुर    11:00 बजे प्रातः

11 मार्च  टापरी     03:00 बजे दोपहर 

12 मार्च   आनी   11:00 बजे प्रातः

13 मार्च पतलीकुहल 11:00 बजे प्रातः

13 मार्च  बालीचौकी  11:00 बजे प्रातः 

14 मार्च जोगिंदर नगर 11:00 बजे प्रातः

14 मार्च भराड़ी (धर्मपुर) 02:00 बजे दोपहर 

15 मार्च मण्ड (कांगड़ा) 11:00 बजे प्रातः

15 मार्च सनोली (ऊना) 05:00 बजे सायं 

16 मार्च  धर्मशाला  11:00 बजे प्रातः

16 मार्च  मज़हीण (कांगड़ा) 03:00 बजे दोपहर 

16 मार्च     चम्बा   11:00 बजे प्रातः 

17 मार्च सुजानपुर 11:00 बजे प्रातः

17 मार्च तरसुह (बिलासपुर) 06:00 बजे सायं 

18 मार्च  दाडलाघाट 11:00 बजे प्रातः

18 मार्च   शिमला  03:00 बजे सायं 

By admin

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