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डीए, सब्सिडी, मुफ्त बिजली, पेंशन और ओपीएस पर यू-टर्न की तैयारी, जनता और कर्मचारियों से किया वादा टूटा 

मंडी। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने वीरवार को प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के इतिहास में पहली बार ऐसी स्थिति बनी है जब एक ओर प्राकृतिक आपदाओं का प्रभाव रहा और दूसरी ओर सरकार के गलत फैसलों ने प्रदेश की आर्थिक स्थिति को और कमजोर कर दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार चुनाव से पहले 10 गारंटियों के साथ सत्ता में आई थी, लेकिन आज खुद ही उन गारंटियों से पीछे हटती दिखाई दे रही है।

जयराम ठाकुर ने सुंदरनगर में आयोजित भाजपा की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ने पांच साल में लाखों रोजगार देने, 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने, सामाजिक सुरक्षा पेंशन का दायरा बढ़ाने और कर्मचारियों को लाभ देने के बड़े वादे किए थे, लेकिन अब वित्त विभाग की प्रस्तुति में खुद स्वीकार किया जा रहा है कि बिजली सब्सिडी कम करनी पड़ेगी, मुफ्त सुविधाओं की समीक्षा होगी और कई योजनाओं को सीमित करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन पर जहां पहले लगभग 1500 करोड़ रुपए खर्च हो रहे हैं, वहीं अब इसे घटाकर करीब 500 करोड़ रुपए तक सीमित करने की बात कही जा रही है। यह सीधे तौर पर गरीबों और बुजुर्गों पर चोट है।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कर्मचारियों को डीए और एरियर देने में असमर्थता जताई जा रही है। नया वेतन आयोग बैठाने से भी सरकार पीछे हट रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस सरकार ने कर्मचारियों को ओपीएस लागू करने का वादा कर लाभ लिया, अब वही ओपीएस की समीक्षा कर यूपीएस की ओर जाने की बात कर रही है। यह कर्मचारियों के विश्वास के साथ धोखा है।

उन्होंने कहा कि वित्तीय प्रस्तुति में यह भी संकेत दिए गए हैं कि विकास कार्यों पर रोक लगानी पड़ सकती है और सब्सिडी ढांचे में व्यापक कटौती होगी। जयराम ठाकुर ने कहा कि यह स्थिति सरकार की वित्तीय कुप्रबंधन का परिणाम है। उन्होंने कहा कि राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) का चरणबद्ध कम होना कोई नई बात नहीं थी। यह वित्त आयोग पहले ही स्पष्ट कर चुका था। इसके बावजूद कांग्रेस ने बिना वित्तीय आधार के गारंटियां बांटकर जनता को भ्रमित किया।

जयराम ठाकुर ने कहा कि अब जब वास्तविकता सामने आ रही है तो सरकार जिम्मेदारी लेने के बजाय केंद्र पर दोष डाल रही है। उन्होंने कहा कि सच्चाई यह है कि गलत प्राथमिकताओं, बढ़ते खर्च और कमजोर वित्तीय प्रबंधन ने प्रदेश को संकट में डाला है। भाजपा इन मुद्दों को जनता के बीच मजबूती से उठाती रहेगी।

By admin

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