कहा – आरडीजी पर कांग्रेस केवल राजनीति कर रही, कर्नाटक की मांग पर मुख्यमंत्री क्यों हैं मौन
15वें वित्त आयोग ने पहले ही संकेत दे दिया था, तब विधायक थे सुक्खू, अब जनता को गुमराह करना बंद करें : नेता प्रतिपक्ष
शिमला। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आरडीजी के मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस संवेदनशील विषय पर केवल राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है और प्रदेश की जनता को भ्रमित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वास्तविक तथ्यों को छिपाकर केंद्र सरकार पर आरोप लगाना कांग्रेस की पुरानी आदत रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सुक्खू सरकार ने 16वें वित्त आयोग के सामने हिमाचल का पक्ष सही ढंग से नहीं रखा। वे वीरवार को यहां प्रेस कांफ्रेंस में बोल रहे थे।
जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि कांग्रेस शासित राज्य कर्नाटक ने स्वयं आरडीजी को बंद करने की बात कही थी। जब उनकी ही पार्टी के राज्य ऐसी मांग कर चुके हैं, तो हिमाचल के मुख्यमंत्री इस तथ्य पर मौन क्यों हैं? क्या कांग्रेस की अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग नीति है? उन्होंने कहा कि 15वें वित्त आयोग ने अपनी सिफारिशों में स्पष्ट संकेत दिया था कि भविष्य में आरडीजी की व्यवस्था चरणबद्ध तरीके से समाप्त हो सकती है। उस समय वर्तमान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू विधानसभा में विधायक थे। उन्हें इस विषय की पूरी जानकारी थी, फिर आज वे अनभिज्ञता का दिखावा क्यों कर रहे हैं? मुख्यमंत्री को यह स्पष्ट करना चाहिए कि तब उन्होंने इस पर क्या रुख अपनाया था।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आरडीजी को लेकर झूठा भय और भ्रम फैलाकर कांग्रेस सरकार अपनी वित्तीय कुप्रबंधन और प्रशासनिक विफलताओं से ध्यान हटाना चाहती है। सच्चाई यह है कि वित्त आयोग की सिफारिशें एक दीर्घकालिक ढांचे के तहत आती हैं और राज्यों को पहले से संकेत दिए जाते हैं।
जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार को चाहिए कि वह राजनीतिक बयानबाजी बंद करे और प्रदेश की वित्तीय स्थिति को सुधारने के लिए ठोस कदम उठाए। केंद्र पर अनावश्यक आरोप लगाने के बजाय अपनी आर्थिक नीतियों और खर्च प्रबंधन पर जवाब दे। उन्होंने कहा कि भाजपा तथ्यों के आधार पर बात करती है और आरडीजी के मुद्दे पर भी सच्चाई जनता के सामने लाती रहेगी।
जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री से पूछा कि वह हिमाचल को वर्ष 2027 तक आत्मनिर्भर और वर्ष 2032 तक देश का सबसे समृद्ध राज्य बनाने के अपने विजन का प्रदेश की जनता के सामने खुलासा करें। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश की सुक्खू सरकार ने अपना 3 वर्ष का कार्यकाल भाजपा और केंद्र सरकार को दोष देने में बिता दिया है, लेकिन अब प्रदेश की जनता काम चाहती है। उन्होंने कहा कि चुनावी गारंटियां पूरी करने की जिम्मेदारी कांग्रेस की है न कि केंद्र सरकार की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को तहस-नहस कर दिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को अभी भी अपनी गलती स्वीकार कर लेनी चाहिए और जनता से यह कहते हुए माफी मांग लेनी चाहिए कि उन्होंने जोश में आकर गलत चुनावी गारंटियां दे दी थी। उन्होंने कहा कि सुक्खू सरकार एक भी चुनावी गारंटी को अभी तक पूरा नहीं कर पाई है और आने वाले समय में सरकार को कर्मचारियों को वेतन तथा पेंशन देना सबसे बड़ी चुनौती होगी।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने विधायक क्षेत्र विकास निधि बंद कर दी है और विधायक ऐच्छिक निधि का पैसा भी जारी नहीं किया जा रहा है। ऐसे में विधायक प्राथमिकता बैठकों का कोई औचित्य नहीं रह गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा इन बैठकों में शामिल होने अथवा इनका बहिष्कार करने का फैसला विधायक दल की बैठक में लिया जाएगा।
पंचायत चुनाव में हार के डर के कारण गई सरकार सुप्रीम कोर्ट
जयराम ठाकुर ने दावा किया कि प्रदेश सरकार पंचायत चुनाव में हार के डर से सुप्रीम कोर्ट गई है। उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले मान लिया था कि वह 30 अप्रैल से पहले पंचायत चुनाव सम्पन्न करवा लेगी, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी डालकर सरकार ने साफ कर दिया है कि वह पंचायतों में लोकतांत्रिक व्यवस्था नहीं चाहती।
सुक्खू सरकार ने लांघी कर्ज लेने की सभी सीमाएं
नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि मौजूदा कांग्रेस सरकार ने कर्ज लेने की सभी सीमाएं तोड़ दी हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कर्ज लेने की परंपरा कांग्रेस ने ही शुरू की थी। पूर्व भाजपा सरकार ने भी कर्ज लेने की कोशिश की, लेकिन सीमित मात्रा में और सिर्फ 19600 करोड़ रुपए का ही कर्ज 5 साल में लिया गया। लेकिन मौजूदा सुक्खू सरकार ने प्रदेश को आकंठ कर्ज में डुबो दिया है और प्रदेश की आर्थिकी को तहस-नहस कर दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार को अब बड़े और कड़े फैसले लेने का वक्त आ गया है।
जयराम ठाकुर ने दावा किया हिमाचल में विकास के अधिकांश कार्य केंद्र के पैसे से हो रहे हैं। ऐसे में प्रदेश सरकार को केंद्र के प्रति अपनी भाषा को संयमित रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार केंद्र के सामने नए सिरे से अपना पक्ष प्रभावी ढंग से रखें ताकि केंद्र से कुछ मदद हासिल की जा सके।
हिमाचल को रेल, सड़क, स्वास्थ्य और हवाई सेवाओं में रिकॉर्ड केंद्रीय सहायता, कांग्रेस केवल भ्रम फैला रही : नेता प्रतिपक्ष
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्रीय बजट 2013-14 और बजट 2026-27 की तुलना करने पर स्पष्ट हो जाता है कि देश का बजट मॉडल पूरी तरह बदल चुका है। वर्ष 2013-14 में बजट सब्सिडी आधारित था, जबकि 2026-27 का बजट पूंजीगत निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण और आत्मनिर्भर भारत पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में केंद्र सरकार ने विकास आधारित बजट मॉडल लागू किया है, जिसका परिणाम हर क्षेत्र में दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि कुल पूंजीगत व्यय 2013-14 में लगभग 1.98 लाख करोड़ रुपये था, जो 2026-27 में बढ़कर 12.2 लाख करोड़ रुपये हो गया है, यानी 516 प्रतिशत से अधिक वृद्धि। रक्षा बजट 2.03 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 7.85 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो लगभग 287 प्रतिशत वृद्धि दर्शाता है। कृषि मंत्रालय का बजट 27 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर 1.32 लाख करोड़ रुपये पहुंचा, शिक्षा बजट लगभग 65 हजार करोड़ से बढ़कर 1.39 लाख करोड़ रुपये हो गया।
जयराम ठाकुर ने कहा कि सड़क और राष्ट्रीय राजमार्ग क्षेत्र में निवेश लगभग 35 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर 2.7 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है, जो करीब 8 गुना वृद्धि है। नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 76 गीगावॉट से बढ़कर 254 गीगावॉट हो गई है। देश का कुल निर्यात लगभग 310 बिलियन डॉलर से बढ़कर 825 बिलियन डॉलर तक पहुंचा है। महिला श्रम भागीदारी दर 23 प्रतिशत से बढ़कर 41 प्रतिशत से अधिक हो गई है और बहुआयामी गरीबी दर 55 प्रतिशत से घटकर लगभग 11 प्रतिशत रह गई है।
