भाजपा नेताओं ने बेरोजगारी, आर्थिक संकट, कानून-व्यवस्था और झूठी गारंटियों पर घेरी सुक्खू सरकार, प्रदेश के इतिहास का “सबसे निकम्मा शासन” दिया करार
शिमला। हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार के तीन साल पूरे होने पर हिमाचल भाजपा धर्मशाला में बड़ा प्रदर्शन करेगी। यह प्रदर्शन 4 दिसंबर को धर्मशाला के जोरावर स्टेडियम में होगा। शिमला में आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने इसका ऐलान किया। इस दौरान उन्होंने सरकार पर हर मोर्चे पर विफल रहने का आरोप लगाया। इस दौरान पूर्व विधानसभा अध्यक्ष विपिन परमार भी मौजूद रहे।
डॉ. बिंदल ने कहा कि तीन साल का कार्यकाल हिमाचल के इतिहास में “सबसे निकम्मा शासन” माना जाएगा। उन्होंने कहा कि बढ़ती बेरोजगारी, आर्थिक बदहाली, कर्ज़ का पहाड़, कानून-व्यवस्था की गिरावट, माफिया का बढ़ता दखल, संस्थानों की बंदी और झूठी चुनावी गारंटियों ने प्रदेश को गंभीर संकट में धकेल दिया है।
उन्होंने बिहार चुनाव परिणामों का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस का छह सीटों में सिमटना इस बात का संकेत है कि जनता कांग्रेस को नकार रही है और उसका असर हिमाचल में भी स्पष्ट दिख रहा है।
डॉ. बिंदल ने जोर दिया कि पंचायत चुनाव समय पर करवाना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन कांग्रेस सरकार विभिन्न बहानों से इन्हें टालने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए 4 दिसंबर को धर्मशाला में बड़ा शक्ति प्रदर्शन करेगी।
उधर, चंबा के भाजपा विधायक व उनके भाई पर लगे आरोपों पर पूछे गए सवाल के जवाब में डॉ. बिंदल ने कहा कि कानून अपना काम कर रहा है, और जो भी जांच होगी, तथ्यों के आधार पर होगी।
प्रदर्शन के आयोजन को लेकर विपिन परमार की अध्यक्षता में गठित की समिति
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी के 4 दिसंबर को धर्मशाला में जोरावर स्टेडियम में सरकार के खिलाफ होने वाले विशाल और प्रचंड प्रदर्शन के लिए एक प्रदेश स्तरीय समिति गठित की गई है, जिसके प्रभारी भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष व वरिष्ठ विधायक विपिन सिंह परमार होंगे। उनके साथ उपाध्यक्ष बिहारी लाल शर्मा, उपाध्यक्ष पवन काजल, वरिष्ठ प्रवक्ता त्रिलोक कपूर और विधायक सुधीर शर्मा सह-प्रभारी की भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कांग्रेस सरकार के तीन साल को “जश्ने-बर्बादी” बताते हुए कहा कि भाजपा इस “जन-विरोधी शासन” के खिलाफ धर्मशाला से राज्यव्यापी संघर्ष का बिगुल फूंकेगी।
कांग्रेस सरकार का 3 साल का जश्न गले से नहीं उतर रहा : जयराम ठाकुर
पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार का 3 साल का जश्न गले से नहीं उतर रहा है। उन्होंने कहा कि यह जश्न किस बात का मनाया जाएगा, इसको लेकर कांग्रेस के बड़े सारे नेता भी समझ नहीं पा रहे हैं। प्रदेश आपदा से जूझ रहा है। हिमाचल प्रदेश में डिजास्टर एक्ट लागू है, जिसका हवाला देकर मुख्यमंत्री द्वारा पंचायत चुनाव को स्थगित करने की कोशिशें जारी हैं। इतनी विपरीत परिस्थितियों के बाद भी सरकार के लिए तीन साल के कार्यकाल का जश्न न जाने क्यों लाजमी है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की ट्रेज़री खाली है, 10 हजार रुपये से ऊपर की राशि जारी करने पर रोक लगी हुई है और कर्मचारियों तक को वेतन-पेंशन समय पर नहीं मिल पा रहे।
जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस की सरकार को 3 साल पूरे हो रहे हैं। सरकार का बड़ा हिस्सा उन्होंने निकाल दिया है। लेकिन इन 3 सालों में उनके पास गिनाने के लिए एक भी उपलब्धि नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेताओं को अपनी सरकार की एक योजना का जिक्र करना चाहिए, जिसकी चर्चा जनता के बीच हो। जिस योजना के दस-पांच हजार लाभार्थी भी हों। हमारी सरकार के दौरान हिम केयर, सहारा, स्वावलंबन, गृहिणी सुविधा, शगुन, जन मंच जैसी योजनाएं चल रही थी उनको कांग्रेस सरकार द्वारा बंद कर दिया है। उन योजनाओं का नाम प्रदेशवासियों की जुबान पर था। हमारी योजनाओं का लाभ प्रदेश के लोगों को लाखों की संख्या में मिला। लेकिन यह सरकारी योजनाओं को भी नहीं चला पा रही है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को बताना चाहिए कि यह जश्न है किस बात का मान रहे हैं, अगर कांग्रेस के नेताओं में कुछ लज्जा है तो इस जश्न के फैसले को वापस लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि 4 दिसंबर को धर्मशाला में कांग्रेस सरकार के “जनविरोधी और विफलकारी निर्णयों” के खिलाफ ऐतिहासिक प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता अब इस सरकार की नीतियों से तंग आ चुकी है और भाजपा सड़क से लेकर विधानसभा तक संघर्ष तेज करेगी।
बिहार में बोलेरो में फिट हुई तो हिमाचल में ऑल्टो में फिट होगी कांग्रेस
पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में जयराम ठाकुर ने कहा कि बिहार की धरती ने कांग्रेस को साफ संदेश दे दिया है और हिमाचल में कांग्रेस का हाल और भी बुरा होगा। दूर-दूर तक कांग्रेस विधानसभा के चुनाव में दिखाई नहीं देगी। हिमाचल की जनता झूठी गारंटियों के दम पर पिछली बार सत्ता में आए कांग्रेस को अगले विधान सभा चुनाव में ऑल्टो कार में फिट कर देगी, क्योंकि मुख्यमंत्री को ऑल्टो पसंद है।
