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अपनी पीजीटी पदोन्नति पोस्टिंग में समय पर ज्वाइनिंग न देने वालों की रद्द हो पदोन्नति, अगले योग्य उम्मीदवार को मौका दिया जाए

रोहित ठाकुर ने की विभाग के लिए कार्यों की समीक्षा 

शिमला। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने शिक्षा विभाग में प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं, भर्ती प्रक्रियाओं और अवसंरचना कार्यों की प्रगति की समीक्षा को लेकर सोमवार को यहां वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता की।

उन्होंने सभी स्वीकृत पदों को तुरंत हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग तथा हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग को भेजने के निर्देश दिए ताकि भर्ती प्रक्रिया में देरी न हो और स्कूलों में खाली पद शीघ्र भरे जा सकें। उन्होंने टीजीटी, जेबीटी, पंजाबी और ऊर्दू शिक्षकों तथा खेल छात्रावासों में डीपीई और कोच की भर्ती के लंबित मामलों पर नियमित रूप से निगरानी करने को कहा ताकि समय पर नियुक्तियां सुनिश्चित की जा सकें।

रोहित ठाकुर ने सभी स्तरों पर शिक्षकों की उपलब्धता और शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए ताकि विद्यार्थियों को किसी भी कठिनाई का सामना न करने पड़े। उन्होंने 9वीं और 10वीं कक्षाओं में पीजीटी की नियुक्तियों की भी समीक्षा की और उप-निदेशकों को विभिन्न स्कूलों में शिक्षकों द्वारा सफल उदाहरण और नवाचारपूर्ण शिक्षण पद्धतियों को साझा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो पीजीटी अपनी पदोन्नति पोस्टिंग में समय पर ज्वाइनिंग नहीं दे रहे हैं, उनकी पदोन्नति रद्द कर अगले योग्य उम्मीदवार को मौका दिया जाए।

रोहित ठाकुर ने कहा कि नए प्राथमिक विद्यालय खोलने की औपचारिकताएं शीघ्र पूरी की जाए ताकि प्रस्ताव मंत्रिमंडल के समक्ष प्रस्तुत किया जा सके। उन्होंने कोटखाई और पांवटा साहिब में केंद्रीय विद्यालय स्थापित करने के लिए भी प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूल प्रधानाचार्य पदोन्नति और नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी और पारदर्शिता बनाए रखने पर बल दिया।

शिक्षा मंत्री ने हाल ही में प्राकृतिक आपदाओं से स्कूलों को हुए नुकसान पर चिंता व्यक्त की और मरम्मत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 1320 से अधिक शिक्षण संस्थान क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिनको लगभग 122 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि पीडीएनए फंड का सही उपयोग किया जाए और 75 प्रतिशत से अधिक नुकसान वाले संस्थानों को प्राथमिकता दी जाए तथा रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत की जाए ताकि बची हुई निधि को अन्य क्षतिग्रसत स्कूलों को आवंटित किया जा सके।  

स्कूल निरीक्षण प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए शिक्षा मंत्री ने उप-निदेशकों (माध्यमिक, प्राथमिक और गुणवत्ता शिक्षा) को लक्ष्य बढ़ाने के निर्देश दिए ताकि शिक्षा मानकों और जवाबदेही में सुधार हो सके। उन्होंने डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना की समीक्षा भी की और अधिकारियों को सभी पात्र छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए 1 प्रतिशत ब्याज दर पर शिक्षा ऋण उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए।

बैठक में 2023 से अब तक शिक्षा विभाग की उपलब्धियों, सुधारों और पहलों पर विस्तृत प्रस्तुति भी दी गई।

अतिरिक्त शिक्षा सचिव शुभकरण सिंह, परियोजना निदेशक, समग्र शिक्षा राजेश शर्मा, निदेशक, स्कूल शिक्षा आशीष कोहली और अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे। 

By admin

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