कहा – अतिरिक्त वस्तु कर वापस लेकर प्रदेशवासियों को आपदा में राहत दे सरकार
नेस्ट जैनरेशन जीएसटी देशवासियों को प्रधानमंत्री का सबसे बड़ा तोहफा
जिन वस्तुओं का यूपीए सरकार 30 फीसदी टैक्स लेती थी आज ज्यादातर 5 फीसदी के दायरे में
सोलन। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सोमवार को सोलन में नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी रिफॉर्म संगोष्ठी को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शासन काल भ्रष्टाचार मुक्त, पारदर्शितायुक्त, जनहित के लिए समर्पित है। 11 साल का कार्यकाल ऐतिहासिक उपलब्धियां से भरा रहा है। उन्होंने कहा मोदी सरकार हर दिन देशवासियों को राहत देने का काम करती है, जबकि हिमाचल प्रदेश में सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार टैक्स का बोझ डालकर प्रदेशवासियों को हर दिन परेशान करती है। जब प्रधानमंत्री ने नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी लागू करके देशवासियों को कर से राहत दी तो हिमाचल प्रदेश में व्यवस्था परिवर्तन वाली सुख की सरकार ने रातों रात चुपके एडिशनल गुड्स टैक्स यानी एजीटी बढ़ाकर 16 रुपए कर दिया। जिससे सीमेंट छह रुपए महंगा हो गया। यह फैसला 15 सितंबर की कैबिनेट बैठक में ही गुपचुप तरीके से किया गया। हैरानी की बात यह है कि मीडिया ब्रीफिंग में सरकार के प्रतिनिधि ने इसका जिक्र भी नहीं किया।
जयराम ठाकुर ने कहा कि एक तरफ प्रदेश में मोदी सरकार सीमेंट के दाम में 40 रुपए की कमी करती है तो सुक्खू सरकार 6 रुपए की वृद्धि कर देती है। आपदा ग्रस्त प्रदेश वासियों को राहत देने के लिए हिमाचल सरकार तत्काल एजीटी वापस ले। टैक्स लादकर सरकार चलाने का फार्मूला मुख्यमंत्री को बंद करना होगा। उन्होंने कहा कि यूपीए की मनमोहन सिंह सरकार में जो देश और प्रदेश के लोगों को जिन वस्तुओं पर 30 फीसदी टैक्स देना पड़ता था वह वस्तुएं आज 5 फीसदी टैक्स के दायरे में आ रही हैं। यूपीए के कार्यकाल में पेंट, डिटर्जेंट, शैंपू, कॉफी, टूथपेस्ट, मिनरल वाटर, कॉस्मेटिक जैसे रोजमर्रा के सामानों पर 30 फीसदी का टैक्स लगाया जाता था, लेकिन नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी में इन पर 5 फीसदी टैक्स ही लग रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश की सुक्खू सरकार जन विरोधी सरकार है। नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी से पूरे देश के लोग खुश हैं सिर्फ कांग्रेस के नेता दु:खी हैं। जबकि कांग्रेस के केंद्रीय नेता अलग ही राग अलाप रहे हैं।
जयराम ठाकुर ने कहा कि नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी देशवासियों को सरकार द्वारा दिया गया अब तक का सबसे बड़ा तोहफा है। इस जीएसटी के सुधार लागू होने के बाद से चार पहिया वाहन की खरीद पर भी कम से कम 50 हजार और मोटरसाइकिल खरीदने पर भी कम से कम 10 हजार रुपए की बचत हो रही है। कैंसर, थैलेसीमिया जैसी जानलेवा बीमारियों में प्रमुखता से इस्तेमाल होने वाली 31 दवाओं जीएसटी के दायरे से बाहर रखा गया है। घरेलू जरूरतों में इस्तेमाल होने वाले ज्यादातर प्रोडक्ट 5 प्रतिशत या फिर जीरो प्रतिशत जीएसटी के दायरे में आए हैं। 28 प्रतिशत जीएसटी ब्रैकेट में आने वाली 90 प्रतिशत वस्तुएं 18 प्रतिशत के ब्रैकेट में रखी गई है और 12 प्रतिशत के दायरे में आने वाली 99 प्रतिशत वस्तुओं को 5 फीसदी रखा गया है। यह बहुत बड़ी राहत देशवासियों को दी गई है। जीएसटी के साथ ही मोदी सरकार ने आयकर की सीमा को बढ़ाकर 12 लाख 75 कर दिया है। इन दोनों सुधारो से ही देशवासियों को हर साल ढाई लाख करोड रुपए की बचत होगी। इस मौके पर उनके साथ भाजपा उपाध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री डॉ. राजीव सैजल, पूर्व विधायक गोविंदराम, पूर्व विधायक लखविंदर राणा, भाजपा उपाध्यक्ष रश्मिधर सूद, जिला अध्यक्ष रतन पाल, प्रत्याशी डॉ. राजेश कश्यप समेत अन्य पदाधिकारी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
