शिमला। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जीवन प्रेरणादायक रहा है क्योंकि उन्होंने शिक्षा क्षेत्र को प्राथमिकता देने और उसे सुदृढ़ बनाने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि आज महत्वपूर्ण दिवस है, जब हम पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को याद करते हैं जो एक दूरदृष्टा होने के साथ-साथ महान शिक्षाविद् भी थे। उनके जन्मदिवस को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। वे शुक्रवार को यहां शिक्षक दिवस समारोह में बोल रहे थे।
रोहित ठाकुर ने कहा कि शिक्षक पुरस्कार के लिए पहली बार पारदर्शी नीति अपनाई गई है, जिसमें मौके पर ही मूल्यांकन के साथ-साथ साक्षात्कार भी किए गए ताकि योग्य व्यक्ति को यह पुरस्कार दिया जा सके। मुख्यमंत्री ने राज्य में शिक्षा के स्तर को ऊपर उठाने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि छात्रों को देश भ्रमण कराया जा रहा है और शिक्षकों को एक्सपोज़र विजिट के लिए विदेश भ्रमण पर भेजा जा रहा है। इसके अलावा, हर विधानसभा क्षेत्र में अंग्रेजी माध्यम के स्कूल खोले जा रहे हैं।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि हिमाचल एक पहाड़ी क्षेत्र है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद, प्रदेश ने शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की। जहां 1947 में राज्य की साक्षरता दर मात्र 7 प्रतिशत थी आज जल्द ही सौ प्रतिशत हो जाएगी, जिसमें सभी सरकारों का अहम् योगदान है। उन्होंने कहा कि पहली बार तकनीकी शिक्षा, कॉलेज और प्राचार्यों को भी राज्य स्तरीय पुरस्कार प्रदान किए गए हैं, जो एक नई शुरूआत है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने गुणात्मक शिक्षा की दिशा में अनेक कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि नवीनतम राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण 2025, जिसे परख 2025 के रूप में भी जाना जाता है, ने हिमाचल प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर समग्र रैंकिंग में 5वें स्थान पर रखा है। प्रदेश सरकार ने प्रथम कक्षा से अंग्रजी को पढ़ाना शामिल किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 6000 से अधिक शिक्षकों को नयुक्तियाँ दी गई हैं। आज स्थानीय भाषाओं को प्राथमिकता देने के साथ-साथ इको सिस्टम विषय, शिक्षकों को एक्सपोजर विज़िट में विदेश भेजने , शिक्षकों की इनडक्शन ट्रेनिंग, विद्यार्थियों के लिए स्मार्ट ड्रेस के लिए प्रधानाचार्यों को अधिकृत करना इत्यादि अनेक प्रयास हैं जिससे शिक्षा क्षेत्र को उन्नत किया जा सके।
