कहा – राहुल गांधी की रैलियों में प्रधानमंत्री मोदी के प्रति अभद्र भाषा प्रयोग करना निंदनीय
बोले – कांग्रेस के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग कोई नई बात नहीं, कांग्रेस आज “गाली वाली कांग्रेस” बन गई
शिमला। भारतीय जनता पार्टी के मीडिया प्रभारी एवं विधायक रणधीर शर्मा ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की बिहार यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबंध में प्रयोग की गई अभद्र भाषा की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि दरभंगा की सभा में प्रधानमंत्री मोदी और उनकी स्वर्गीय माता जी के प्रति जिस प्रकार की अभद्र और अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया गया, उसके मूल में स्वयं राहुल गांधी हैं।
रणधीर शर्मा ने सोमवार को यहां प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि यदि राहुल गांधी के हालिया भाषणों का विश्लेषण किया जाए तो यह स्पष्ट होता है कि वे पिछले कई दिनों से प्रधानमंत्री को ‘तू’ कहकर संबोधित कर रहे हैं, जो शिष्टाचार और राजनीतिक मर्यादा की सीधी अवहेलना है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने जब से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को एक संभावित और प्रभावी नेता के रूप में स्वीकार किया है, तभी से वह लगातार उनके प्रति अमर्यादित भाषा का प्रयोग करती आ रही है।
रणधीर शर्मा ने कहा कि बिहार में राहुल गांधी की यात्रा के दौरान जिस प्रकार की भाषा का प्रयोग किया जा रहा है, वह अत्यंत दुखद है। लोकतंत्र में संवाद और असहमति के अपने आदर्श होते हैं। स्व. सुषमा स्वराज के वे शब्द आज भी स्मरणीय हैं, जब उन्होंने सदन में कहा था कि “हम शत्रु नहीं, बल्कि वैचारिक रूप से विरोधी हैं।“ उन्होंने कहा कि आज स्थिति चिंताजनक है, क्योंकि भाषा की मर्यादा लगातार तार-तार हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और लगभग सौ वर्ष की आयु में दिवंगत उनकी माता जी के प्रति जिस तरह की कटु, अश्लील और अभद्र भाषा का प्रयोग की गई, वह अत्यंत निंदनीय है।
भाजपा नेता ने कहा कि जिस पार्टी ने कभी अपने आप को स्वतंत्रता संग्राम से जोड़ा और जिसे महात्मा गांधी जी की पार्टी कहा जाता था, वही आज ‘गाली वाली पार्टी’ बन गई है। उन्होंने कहा कि गांधी परिवार को यदि राजनीतिक सत्ता नहीं मिलती, तो वे लोकतांत्रिक रूप से चुने गए नेताओं से गद्दी छोड़ने की मांग करते हैं। और जब सत्ता हाथ नहीं आती, तो वे को जो लोकतांत्रिक रूप से चुने हुए व्यक्ति पर व्यक्तिगत और अपमानजनक भाषा तक का प्रयोग करने से नहीं चूकते। यहां तक कि उसे मां की गाली भी दे सकते है।
रणधीर शर्मा ने कहा कि बिहार वह धरती है, जहां से चाणक्य का जन्म हुआ, जहां से भगवान बुद्ध का संदेश प्रसारित हुआ, जहां से भाषा, ज्ञान और संस्कृति की धारा प्रवाहित हुई। आज उसी बिहार की जनता राहुल गांधी की भाषा को देख रही है, उसे परख रही है और समय आने पर उसका उत्तर भी देगी। और, इस अभद्र भाषा की प्रवृत्ति के मूल जनक स्वयं राहुल गांधी ही हैं। दरभंगा की सभा में मंच से जिस प्रकार प्रधानमंत्री मोदी और उनकी माता जी के बारे में कहा गया, उसके पीछे भी राहुल गांधी का प्रभाव स्पष्ट दिखाई देता है।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को यह समझना चाहिए कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 140 करोड़ भारतीयों के प्रधानमंत्री हैं। इस प्रकार की भाषा किसी भी दृष्टि से उचित नहीं कही जा सकती। भारतवर्ष सदैव संवाद की मर्यादा का सम्मान करता है और अभद्र, अमर्यादित भाषा को कभी स्वीकार नहीं करता।
रणधीर शर्मा ने कहा कि कांग्रेस द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए अपमानजनक भाषा के प्रयोग की यह परंपरा नई नहीं है। यह सिलसिला वर्ष 2012-13 से ही चला आ रहा है। जबसे कांग्रेस ने नरेन्द्र मोदी को एक संभावित और प्रभावी नेता के रूप में देखा है, तब से वह लगातार उनके लिए अमर्यादित और अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करती रही है।
