शिमला। उत्तर प्रदेश के हाथरस में मासूम के साथ हुई दरिंगदी के खिलाफ राजधानी शिमला में कई सामाजिक संगठनों ने हल्ला बोला। इन संगठनों के नेताओं ने हाथरस की घटना के मामले की न्यायिक जांच की मांग करते हुए राजभवन कूच किया और वहां पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन करने वाले संगठनों में दलित शोषण मुक्ति मंच, अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति, अम्बेडकर वेलफेयर सोसाइटी, वाल्मीकि सभा, रविदास सभा समेत कई संगठनों ने हिस्सा लिया। इस प्रदर्शन में माकपा नेता व विधायक राकेश सिंघा, संजय चौहान समेत कई अन्य नेता भी शामिल हुए।
राजभवन जाने से पहले सभी कार्यकर्ता डीसी कार्यालय के बाहर एकत्र हुए और फिर राजभवन को कूच किया। इस दौरान पुलिस से भी धक्का मुक्की हुई, लेकिन ये लोग राजभवन पहुंचे और वहां इस मासूम को न्याय दिलाने की मांग करते रहे। इस दौरान वक्ताओं ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश की सरकार आरोपियों का साथ दे रही है और ऐसे में इस सारे मामले की जांच सुप्रीमकोर्ट के रिटायर जज से करवाई जाए।
वक्ताओं ने मांग की कि पीड़िता के परिवार को सुरक्षा मुहैया करवाई जाए, इस प्रकरण में संदेह के घेरे में आए डीएम, एसपी, एडीजीपी सभी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए व गिरफ्तार किया जाए। दलित शोषण मुक्ति मंच के नेता विवेक कश्यप ने कहा कि राजभवन में हुए प्रदर्शन में विधायक राकेश सिंघा के अलावा जगत राम, विवेक कश्यप, फालमा चौहान, प्रीतपाल सिंह, जोगिंदर, पार्षद बिटू कुमार पान्ना, रवि कुमार दलित, कर्मचंद भाटिया, दुलेराम, एसएस जोगटा आदि लोगों ने अपनी बात रखी।
