शिमला। हिमाचल प्रदेश राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय शिमला ने शैक्षणिक और अनुसंधान सहयोग के लिए जीएनएलयू, गांधीनगर के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौता ज्ञापन पर गुजरात राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के निदेशक प्रो. (डॉ.) एस. शांता कुमार और हिमाचल प्रदेश राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, शिमला की कुलपति प्रो. (डॉ.) प्रीती सक्सेना ने हस्ताक्षर किए। यह समझौता कानूनी शिक्षा के क्षेत्र में शैक्षणिक जुड़ाव, अनुसंधान सहयोग और क्षमता निर्माण को बढ़ाने के लिए दो प्रमुख संस्थानों के बीच एक सहयोगात्मक प्रयास का प्रतीक है।
गुजरात राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय अधिनियम, 2003 के तहत स्थापित और बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) तथा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा मान्यता प्राप्त एक वैधानिक विश्वविद्यालय, जीएनएलयू, विधि शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित संस्थान है। इसी प्रकार, हिमाचल प्रदेश राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय अधिनियम, 2016 के तहत स्थापित एचपीएनएलयू, भारतीय विधि शिक्षा परिदृश्य में अकादमिक विशिष्टता और बौद्धिक दृढ़ता के केंद्र के रूप में तेजी से उभरा है।
इन दो विश्वविद्यालयों के बीच यह साझेदारी कई प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का प्रयास करेगी। इनमें शैक्षणिक संवर्धन और शोध अनुभव के लिए संकाय और छात्रों (स्नातक, स्नातकोत्तर, पीएचडी) का आदान-प्रदान करना, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियों से वित्त पोषण के लिए आवेदन करने की संभावनाओं के साथ संयुक्त शोध परियोजनाएं और प्रकाशन करना शामिल है। इसके अलावा सहयोगात्मक सेमिनार, सम्मेलन और प्रशिक्षण कार्यक्रम और पीएचडी विद्वानों और शोधकर्ताओं के लिए पुस्तकालय और शैक्षणिक संसाधनों तक पारस्परिक पहुंच बनाना भी शामिल है। वहीं, दोनों संस्थानों के संकाय सदस्यों द्वारा पीएचडी शोध कार्य का पर्यवेक्षण और सह-पर्यवेक्षण और अंतःविषयक और अभ्यास-आधारित विधिक शिक्षा कार्यक्रमों का विकास शामिल है।
यह सहयोग उच्च-गुणवत्तापूर्ण, सामाजिक रूप से प्रासंगिक विधिक शिक्षा प्रदान करने और अनुसंधान, नवाचार और छात्रों के समग्र विकास के लिए अनुकूल एक जीवंत शैक्षणिक वातावरण तैयार करने की एचपीएनएलयू की प्रतिबद्धता को पुष्ट करता है।
