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शिमला। उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने पहाड़ी राज्यों, खासकर हिमाचल प्रदेश के लिए एक अलग हिमालयन रेजीमेंट के गठन की मांग की है। उन्होंने प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री से आग्रह किया कि वे हिमाचल रेजीमेंट के गठन की लंबित मांग पर गंभीरता से विचार करें। उन्होंने कहा कि हिमाचल से चुने गए चारों सांसदों को भी इस मुद्दे को मजबूती से संसद में उठाना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह हिमाचल के जवानों की बहादुरी और बलिदान को लगातार नजरअंदाज कर रही है।

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश को वीरभूमि कहा जाता है। पहले परमवीर चक्र विजेता मेजर सोमनाथ शर्मा से लेकर कारगिल के हीरो कैप्टन विक्रम बत्रा तक, प्रदेश के लोगों ने हर युद्ध और सैन्य संघर्ष में अद्वितीय साहस दिखाया है। इसके बावजूद केंद्र सरकार ने पहाड़ी राज्यों की पहचान को दर्शाने वाली अलग रेजीमेंट की जरूरत को नजरअंदाज किया है।

उप-मुख्य सचेतक ने जनसंख्या के आधार पर सेना में भर्ती कोटा घटाए जाने पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह हिमाचल जैसे राज्य के साथ अन्याय है, जिसने हमेशा सेना में बहुमूल्य योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि भले ही हिमाचल की आबादी कम है, लेकिन वीरता और बलिदान के लिए देश का अग्रणी राज्य है। उन्होंने कहा कि सैनिकों की बहादुरी को जनसंख्या के आधार पर नहीं मापा जाना चाहिए।

उप-मुख्य सचेतक ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू भेंट कर इस मुददे पर विस्तृत चर्चा की है और मुख्यमंत्री से इस मामले को केंद्र सरकार के समक्ष उठाने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि हिमालयन रेजीमेंट के गठन से यहां के युवाओं को सेना में और अधिक अवसर मिलेंगे और उनकी पहाड़ी क्षेत्रों में युद्ध करने की स्वाभाविक क्षमता का सही उपयोग हो सकेगा। उन्होंने वर्ष 1962, 1971 और कारगिल युद्ध तथा आतंकवाद के खिलाफ अभियानों के संदर्भ में कहा कि हिमाचली सैनिक देश की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। केंद्र सरकार को उनकी इस भावना को सम्मान देते हुए अलग रेजीमेंट बनानी चाहिए।

केवल सिंह पठानिया ने सीमा पर सीजफायर उल्लंघन को लेकर कहा कि राष्ट्रीय हित में अब कड़ा रुख अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हिमाचल सरकार सीमावर्ती क्षेत्रों में नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सजग है, लेकिन केंद्र सरकार को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।

मध्य प्रदेश के एक मंत्री द्वारा दिए गए हालिया बयान को दुर्भाग्यपूर्ण और विभाजनकारी बताते हुए पठानिया ने कहा कि तिरंगा सभी 140 करोड़ देशवासियों का है। किसी को देशभक्ति का सर्टिफिकेट देने का अधिकार नहीं है। गांधी जी का भारत वह है जहां सभी बराबर हैं।

उप-मुख्य सचेतक ने प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री से अपील की कि वे हिमाचल रेजीमेंट के गठन की लंबित मांग पर गंभीरता से विचार करें। उन्होंने कहा कि हिमाचल से चुने गए चारों सांसदों को भी इस मुद्दे को मजबूती से संसद में उठाना चाहिए।

By admin

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