शिमला। माकपा के कामगार संगठन सीटू से संबद्ध सैहब सोसाइटी वर्कर्स यूनियन ने शुक्रवार को नगर निगम आयुक्त कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन कर नगर प्रशासन के खिलाफ अपना आक्रोश जताया। प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा सैहब कर्मियों की दस प्रतिशत वार्षिक वेतन वृद्धि को रोके जाने पर था, जो पिछले दस वर्षों से नियमित रूप से दी जा रही थी। प्रदर्शन दो घंटे तक चला, जिसमें सैकड़ों सैहब कर्मियों ने भाग लिया।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि नगर निगम प्रशासन बिना किसी ठोस कारण के वेतन वृद्धि को रोक रहा है, जिससे सैहब कर्मियों में भारी असंतोष है। प्रदर्शन के दौरान नगर निगम आयुक्त द्वारा कोई ठोस आश्वासन न दिए जाने के कारण कर्मियों में आक्रोश और बढ़ गया। यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही वेतन वृद्धि बहाल नहीं की गई तो राज्यव्यापी हड़ताल की जाएगी।
प्रदर्शन को सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा, नेता विवेक कश्यप, यूनियन अध्यक्ष जसवंत सिंह, महासचिव ओमप्रकाश ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सैहब सोसाइटी, आउटसोर्स और सफाई कर्मियों की वेतन वृद्धि, नियमितीकरण, आउटसोर्सिंग समाप्त करने, क्यूआर कोड की योजना रद्द करने और नियमित कर्मचारियों के समान वेतन देने जैसी मांगों को अनदेखा किया गया तो पूरा शहर ठप कर दिया जाएगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम प्रशासन सैहब सोसाइटी के बायलॉज़ के खिलाफ कार्य कर रहा है और क्यूआर कोड स्कैनिंग जैसी योजनाओं पर ढाई करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बना रहा है, जबकि उतनी राशि में 150 अतिरिक्त सफाई कर्मियों की नियुक्ति संभव है, जिससे शहर की सफाई व्यवस्था भी सुधरेगी और कर्मियों पर काम का बोझ भी घटेगा।
वक्ताओं ने कहा कि नगर निगम प्रशासन ठेकेदारी और कमीशनखोरी को बढ़ावा दे रहा है और मजदूरों के वेतन भुगतान अधिनियम 1936 का खुलेआम उल्लंघन कर रहा है। सैंकड़ों आउटसोर्स कर्मियों को समय पर वेतन नहीं दिया जा रहा जिससे उनके परिवार आर्थिक संकट में जीने को मजबूर हैं।
यूनियन ने मांग की कि सभी सैहब कर्मियों को नियमित किया जाए और उन्हें सुप्रीम कोर्ट के 1992 व 2016 के आदेशों, 15वें श्रम सम्मेलन की सिफारिशों तथा सातवें वेतन आयोग की जस्टिस माथुर रिपोर्ट के अनुसार 26,000 रुपये मासिक वेतन दिया जाए। इसके साथ ही कर्मियों को 39 वैधानिक छुट्टियां, अतिरिक्त काम का अतिरिक्त वेतन, ईपीएफ की बकाया राशि और पदोन्नति नीति का लाभ दिया जाए।
यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को लेकर सैहब की एजीएम बैठक शीघ्र नहीं बुलाई गई और समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन और अधिक उग्र रूप ले सकता है। प्रदर्शन में सैकड़ों सैहब कर्मियों सहित यूनियन के अन्य पदाधिकारी जैसे कोषाध्यक्ष नरेश ठाकुर, सह कोषाध्यक्ष नरेश कश्यप, सलाहकार पाला राम, उपाध्यक्ष अमित भाटिया, सचिव शिव राम, दलविंद्र, योगेश, पवन, रूपा, पूनम, शारदा सहित कई प्रमुख नाम शामिल रहे।
