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कहा‌- पूर्ण राजत्व दिवस के मंच का मुख्यमंत्री ने किया राजनीतिक दुरुपयोग

भांग की खेती के दुरुपयोग से हिमाचल को बचाने के लिए सरकार क्या कदम उठाएगी

कानून व्यवस्था चुस्त दुरुस्त करने के लिए प्रभावी कदम उठाए सरकार 

शिमला। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा है कि अगर हिमाचल प्रदेश में भाजपा की फिर से सरकार होती तो हिमाचल प्रदेश में भी समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू होता। उन्होंने कहा कि यूसीसी आज देश की मांग है और भारतीय जनता पार्टी ने अपने संकल्प पत्र में भी समान नागरिक संहिता को लेकर अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में सामान्य नागरिक संहिता यूसीसी लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना है। इसके लिए केंद्रीय नेतृत्व के साथ-साथ उत्तराखंड की सरकार भी बधाई की पात्र है।

मीडिया के प्रतिनिधियों से अनौपचारिक बातचीत में जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के पूर्ण राजत्व दिवस के मंच का मुख्यमंत्री द्वारा राजनीतिक दुरूपयोग किया गया। इस तरह के गैर राजनीतिक मंच से आज तक किसी ने भी इस प्रकार का भाषण नहीं दिया था। घंटे भर के अपने भाषण के दौरान मुख्यमंत्री ने सिर्फ और सिर्फ पूर्व की भारतीय जनता पार्टी को सरकार को कोसने और झूठ बोलने का काम किया। 2 साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद भी अगर सरकार अपनी एक उपलब्धि बताने के बदले सिर्फ विपक्ष को दोष दे तो यह स्पष्ट होता है कि सरकार के पास बोलने के लिए सामग्री की कमी है। ऐसे मंच प्रदेश के विकास में अपना योगदान बताने के साथ-साथ अपनी भविष्य की योजनाओं को साझा करने का अवसर होता है, लेकिन दुर्भाग्य इस बात का है कि मुख्यमंत्री द्वारा इस मंच का दुरुपयोग किया गया। पूर्ण राज्यत्व दिवस का अवसर हमेशा प्रदेश के लोगों को कुछ ना कुछ समर्पित होने का भी दिन होता है लेकिन इसमें भी प्रदेश के हर वर्ग को मायूसी मिली। प्रदेश में स्वास्थ्य का जो हाल है वह किसी से छुपा नहीं है। बाकी प्रदेश के दूर दराज का हाल क्या होगा यह ईश्वर जाने लेकिन प्रदेश की राजधानी और प्रदेश के सबसे बड़े मेडिकल कॉलेज में जो व्यवस्था है वह बहुत गंभीर और चिंताजनक है। जिस तरह से सरकार इस मामले अपनी आंखे मूंद कर बैठी है आने वाला समय और भी भयावह होने वाला है। 

जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश की आय बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा भांग की खेती को सैद्धांतिक रूप से मंजूरी दी गई है लेकिन जिस प्रकार से प्रदेश में नशा बढ़ रहा है, गांव-गांव तक नशे की पैठ हो रही है, ऐसे में यह फैसला अपनेआप में चुनौती पूर्ण हो सकता है। इस विषय में महामहिम महोदय ने भी अपनी चिंताएं व्यक्त की हैं। ऐसी ही चिंताएं प्रदेश की भी हैं। यदि पायलट प्रोजेक्ट से आगे बढ़कर धरातल पर उतरेगा तो उस वक्त इसका दुरुपयोग कैसे रोका जाए, इसके बारे में सरकार को पूरी रूपरेखा बनानी चाहिए, जिससे इस व्यवस्था का किसी भी सूरतेहाल में दुरुपयोग न होने पाए। इस दिशा में सरकार को प्रभावी कदम उठाकर कर प्रदेशवासियों को आश्वस्त करना चाहिए। 

नेता प्रतिपक्ष ने प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था पर भी गहरी चिंता जताते हुए कहा कि इस समय प्रदेश में अपराध के ऐसे मामले सामने आ रहे हैं जो पहले न कभी सुने गए थे और न देखे गए थे। देवभूमि में इस तरह के अपराध की कल्पना भी नहीं की जा सकती। आए दिन लोगों की हत्याएं, महिलाओं के साथ दुष्कर्म, बच्चियों के साथ अत्याचार की खबरें आम हो गई हैं। प्रमुख कारण है सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी जिनके पास है उन्हें सरकार ने अन्य कामों में लगा रखा है। इसलिए मुख्यमंत्री से मेरा आग्रह है वह कानून व्यवस्था को गंभीरता से लें और प्रदेश की कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों से सख्ती से निपटें।

By admin

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