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सड़क सुरक्षा माह  के तहत बाईक रैली का आयोजन, उपायुक्त व पुलिस अधीक्षक ने दी हरी झंडी 

शिमला। सड़क सुरक्षा माह अभियान के अंतर्गत शुक्रवार को जिला प्रशासन की ओर से साकेंतिक बाईक रैली का आयोजन एमसी पार्किंग टूटीकंडी में किया। उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की, जबकि पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार गांधी ने विशिष्ठ अतिथि के तौर पर शिरकत की।

उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक ने बाईक रैली को हरी झंडी देकर रवाना किया। टूटीकंडी पार्किंग से चक्कर, तवी मोड़ बालूगंज होते हुए रैली पार्किंग में संपन्न हुई।

उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश भर सालाना हजारों सड़क दुर्घटनाएं होती है। इनमें से मानवीय भूल से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को आंकड़ा भी काफी अधिक है। हिमाचल प्रदेश में 11 लाख से अधिक दोपहिया वाहन है। दोपहिया वाहनों पर जान का खतरा सबसे अधिक रहता है। ओवरटेक, ओवरस्पीड बड़े हादसे को खुला निमंत्रण देते है। उन्होंने कहा कि  अपने गंतव्य पर पहुंचने के लिए हमेशा समय पर निकले । क्योंकि देरी से निकलोगे तो वाहन की स्पीड बढ़ाओंगे और अपनी जान खतरे में डालोगे। 

कश्यप ने कहा कि प्रदेश युवा शक्ति सबसे अधिक हादसों का शिकार हो रही है। स्टंट मारने के शौकीन, यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने में, नशे में वाहन चलाने से अप्रिय घटनाएं घट रही है। उन्होंने कहा युवाओं को निर्धारित स्पीड पर वाहन चलाने चाहिए।  इसके अलावा अपने दोस्तों को यातायात नियमों को अनुसरण करने के लिए प्रेरित करना चाहिए। सड़क सुरक्षा माह के तहत जिला शिमला में जागरूकता अभियान चल  रहा है।15 से 17 तक चार मेडिकल अलग अलग स्थानों पर आयोजित होंगे। 23 जनवरी को रक्तदान शिविर का आयोजन भी किया जा रहा है। 31 जनवरी को गेयटी थियेटर में सड़क सुरक्षा माह का समापन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

उपायुक्त ने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाए जा रहे है। स्कूली शिक्षा के पाठयक्रम में सड़क सुरक्षा को शामिल किया गया। आम लोगों का सड़क के उपयोग, नियमों के पालन के लिए प्रिंट, इलैक्ट्रानिक, सोशल मीडिया सहित नुक्कड़ नाटकों का भी आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने आमजन को भी इस अभियान में जुड़ने की अपील की।

इस अवसर हिम आधार लोक कला मंच नालदेहरा के कलाकारों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से सड़क सुरक्षा के बारे में जानकारी दी। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी शिमला अनिल शर्मा ने उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक को शाॅल टाॅपी पहनाकर सम्मानित किया।

इस अवसर पर कई बाईक राईडर, आईटीआई के छात्र और अन्य गणमान्य मौजूद रहे।

घायलों का वीडियो न बनाएं, पहले उनकी  मदद करें- पुलिस अधीक्षक 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार गांधी ने कहा कि  सड़क सुरक्षा माह के तहत लोगों को यातायात नियमों के बारे में जागरूक  किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज मोबाईल के दौर में हम हर चीज कैमरे में कैद करने लगते हैं। अगर कोई  दुर्घटना से घायल हो गया हो तो हम से अधिकांश वीडियो बनाने पर जोर देते हैं। जबकि हमारा परम कर्तव्य सबसे पहले घायल की मदद करना है। वीडियो बनाने से परहेज करना चाहिए। तुरंत आपातकालीन सेवाओं के लिए सूचना देनी चाहिए। दुर्घटना के तुरंत बाद की जाने वाली मदद घायलों के लिए मददगार साबित होती है। घायलों को प्राथमिक उपचार देने में अपनी भूमिका निभाएं।

एसपी ने कहा कि नियमों के मुताबिक दुर्घटना में घायलों की मदद करने वालों को प्रोत्साहित करने के लिए इनाम भी दिया जाता है। उन्होंने  लोगों से अपील करते हुए कहा कि मुसीबत के वक्त  मदद करने वाले व्यक्ति जिसने पुलिस को दुर्घटना के बारे में प्रथम सूचित किया  हो या जो घायल व्यक्ति को अस्पताल ले गया हो। उसे अब कोई भी पुलिस अधिकारी या अस्पताल प्रशासन का सदस्य अपना नाम, पहचान, पता या किसी भी तरह की कोई व्यक्तिगत जानकारी देने के लिए मजबूर नहीं कर सकता है और न ही उसे वहां रूकने के लिए बाध्य कर सकता है। ये  प्रावधान मोटर अधिनियम 1988 की धारा क 1 के तहत है।

By admin

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