शिमला। हिमाचल भाजपा ने मुख्य संसदीय सचिवों को पदच्युत करने के हाई कोर्ट के फैसले को सराहा है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि सीपीएस को पदच्युत करने के साथ-साथ इनकी नियुक्ति के कानून को खत्म करने का हाई कोर्ट का फैसला सराहनीय है। उन्होंने कहा कि सीपीएस की नियुक्तियां शक्तियों व धन का दुरूपयोग है।
सीपीएस के मामले में हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद डॉ. बिंदल ने कहा कि कांग्रेस सरकार किस प्रकार गैर कानूनी तरीके से मुख्य संसदीय सचिवों की नियुक्ति करते हुए दो साल व्यतीत कर दिए। लगातार हिमाचल प्रदेश के पैसे का दुरूपयोग हुआ। 6 मुख्य संसदीय सचिव बनाकर उनको मंत्रियों के बराबर शक्तियां देना गैर कानूनी व संविधान के खिलाफ रहा। डॉ. बिन्दल ने कहा कि हम हिमाचल प्रदेश के उच्च न्यायालय के निर्णय का स्वागत करते हैं जिन्होनें सभी 6 मुख्य संसदीय सचिवों को पदच्युत करने का निर्देश दिया।
गारंटियां पूरी करने के बजाय सरकार ने खराब की प्रदेश की माली हालत – डॉ. बिंदल
उधर, महाराष्ट्र चुनाव के मद्देनजर नागपुर में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए डॉ. बिंदल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने हिमाचल में 2022 के चुनाव में गारंटियों का प्रयोग किया। लोगों को गारंटियों का सब्जबाग दिखा कर सत्ता में आई। मगर गारंटियों को पूरा करने के बजाय कांग्रेस सरकार ने प्रदेश की माली हालत खराब कर दी। उन्होंने कहा कि ना 28 लाख महिलाओं को 1500 रुपए मिले, ना दो साल में दो लाख टबेरोजगारों को नौकरियां, ना 100 रुपए लीटर दूध बिका, ना 300 यूनिट बिजली मुफ्त मिली। इसके विपरीत बिजली महंगी की। डीजल महंगा किया, पानी महंगा किया, यात्रा महंगी हुई, संस्थान बंद हुए, स्टाम्प डयूटी बढ़ी, बिजली डेयूटी बढ़ी। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश का यह झूठी गारंटियों का प्रयोग कर्नाटक में भी कांग्रेस ने किया, परन्तु अब देश की जनता इन गारंटियों का सच जान चुकी है। महाराष्ट्र की जनता कांग्रेस पार्टी और महाविकास अघाड़ी के इस झूठे ऐजेन्डे में नहीं आएगी और भाजपा व महायुति को अपना आशीर्वाद देकर जिताएगी।
