शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा की कार्यवाही देखने के लिए शुक्रवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला लालपानी, शिमला, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भौंट, जिला शिमला तथा डीएवी वरिष्ठ माध्यमिक पब्लिक स्कूल लक्कर बाजार, शिमला के छात्र – छात्राएं पहुंचे। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने इन विद्यार्थियों के साथ संवाद किया करते हुए कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है।

पठानिया ने कहा कि विश्व की 15 प्रतिशत आबादी हमारे देश में रहती है। हमारा संविधान भी आजादी के बाद 26 जनवरी, 1950 को लागू हुआ था। उन्होंने कहा कि हमारे देश की संसदीय प्रणाली संघीय ढांचे पर आधारित है, जिसमें केन्द्र में लोकसभा तथा राज्यसभा, वहीं राज्यों में विधान मण्डल तथा विधान सभाएं मौजूद हैं। लोकसभा तथा विधानसभा सदस्यों का चुनाव जनता सीधे अपने मताधिकार से करती हैं, जबकि राज्य सभा तथा विधान मण्डलों के सदस्यों का चुनाव राज्य विधान सभा सदस्यों द्वारा किया जाता है। हालांकि विधान मण्डल केवल बड़े राज्यों में विद्यमान है जबकि हिमाचल प्रदेश और अन्य छोटे राज्यों में केवल विधान सभा का प्रावधान है।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि हमारी विधानसभा में सदस्यों की कुल संख्या 68 है जिन्हें प्रदेश की जनता द्वारा अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों से मताधिकार द्वारा विधानसभा सदस्य के रूप में चुनकर भेजा जाता है। पठानिया ने कहा कि हमारी विधान सभा देश की प्रथम उच्च तकनीक युक्त, ई-विधान प्रणाली अपनाने वाली विधान सभा है जहाँ सारा कार्य ऑनलाइन तरीके से किया जाता है।
विद्यार्थियों से संवाद के दौरान पठानिया ने कहा, हमारी विधान सभा का दूसरा भवन तपोवन धर्मशाला में स्थित है जहाँ दिसम्बर माह में शीतकालीन सत्र का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर विधान सभा अध्यक्ष ने सभी बच्चों को आज सदन में होने वाली कार्यवाही की जानकारी दी तथा सभी को सदन की कार्यवाही देखने के लिए आमंत्रित किया। पठानिया ने सभी को अपनी ओर से शुभकामनाएं दी तथा अपनी ऊर्जा का इस्तेमाल देश हित में करने को प्रेरित किया।
