कहा – 20 माह के कार्यकाल में अभी तक 180 लोगों को करुणामूलक आधार पर नौकरी दी
शिमला। हिमाचल प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार अगले नौ महीनों में करुणामूलक आधार पर सभी आश्रितों को नौकरी उपलब्ध करवा देगी। यह घोषणा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुधवार को विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में करुणामूलक आधार पर रोजगार प्रदान करने के 1415 मामले लंबित हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ने अपने 20 माह के कार्यकाल में अभी तक 180 लोगों को करुणामूलक आधार पर नौकरी दी है।
विधायक डॉ. जनक राज के मूल सवाल के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार करुणामूलक आधार पर नौकरी के लिए पात्र लोगों को चतुर्थ श्रेणी के अलावा तृतीय श्रेणी की नौकरियां देने पर भी विचार करेगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए सरकार ने शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में एक कैबिनेट सब कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी अगले छह माह में सरकार को अपनी रिपोर्ट देगी। उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में करुणामूलक आधार पर सिर्फ चतुर्थ श्रेणी की ही नौकरी दी थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह सब कमेटी से सभी विधायकों से सुझाव लेने को कहेगी। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसा तरीका निकालना चाहती है ताकि जरूरतमंद को रोजगार मिले और यह कमेटी सुझावों के साथ छह माह में अपनी रिपोर्ट देगी।
इसी सवाल पर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में लगभग छह हजार लोगों को करुणामूलक आधार पर नौकरी दी गई, जबकि मौजूदा सरकार 20 माह बाद भी सिर्फ 180 पात्र लोगों को ही नौकरी दे पाई है। इस संबंध में रणधीर शर्मा ने भी प्रतिपूरक सवाल पूछा।
तय समय पर बनेगा थुनाग में रोपड़ी खड्ड पर पुल – विक्रमादित्य सिंह
लोकनिर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि सराज विधानसभा क्षेत्र के थुनाग बाजार में चैल-जंजैहली सड़क पर रोपड़ी खड्ड पर पुल का शेष कार्य बजट का प्रावधान होने पर पूरा कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस पुल का निर्माण कार्य पूरा करने के लिए अभी 2.50 करोड़ रुपए की और जरूरत है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के एक सवाल के विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि इस पुल के निर्माण के लिए अभी तक संबंधित ठेकेदार को 3.62 करोड़ रुपए जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इस पुल का निर्माण कार्य निर्धारित समय के भीतर पूरा करने का प्रयास करेगी।
विधायक बलबीर वर्मा के सवाल के जवाब में लोकनिर्माण मंत्री ने कहा कि चौपाल विधानसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत 29 सड़कों के लिए 363.16 लाख रुपए की धनराशि स्वीकृत की गई है। इसमें से 347.60 लाख रुपए खर्च किए जा चुके हैं। इससे पूर्व बलबीर वर्मा ने आरोप लगाया कि सिर्फ कांग्रेस पार्टी के एक पदाधिकारी के घर के लिए सड़क बनाने पर 2.15 करोड़ रुपए खर्च कर लिए गए। इस सड़क का किसी भी अन्य व्यक्ति को फायदा नहीं हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस सड़क के निर्माण के लिए एससी कंपोनेंट का पैसा भी डायवर्ट किया गया है।
जहां स्कूलों में बच्चे कम, टीचर ज्यादा वहां युक्तिकरण करने की जरूरत- रोहित ठाकुर
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में जिन स्कूलों में बच्चों की संख्या कम है और अध्यापकों की संख्या ज्यादा है वहां पर युक्तिकरण करने की जरूरत है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाने के लिए विधायकों से भी सहयोग मांगा।
विधायक विपिन परमार की अनुपस्थिति में उनकी ओर से अधिकृत विधायक राकेश जम्वाल द्वारा प्रदेश में कम छात्र की संख्या वाले स्कूलों को मर्ज किए जाने के सवाल के जवाब में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने चिंता जताते हुए कहा कि आज से 20 साल पहले हिमाचल शिक्षा के क्षेत्र में आगे था। उन्होंने कहा कि वर्ष 2003 में पहली से पांचवीं कक्षा तक 5 लाख 90 हजार छात्र थे जो आज घटकर 2 लाख 99 हजार हो गई है। इसी तरह, छठी से आठवीं कक्षा तक 3 लाख 81 हजार छात्रों की संख्या थी, जो आज 2 लाख 50 हजार रह गई है। वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला में पहले छात्रों की संख्या 1 लाख 84 हजार से घटकर आज 1.36 लाख छात्रों की रह गई है। उन्होंने कहा कि अगले दस सालों में हालात और खराब होने वाली है।
शिक्षा मंत्री ने असर संस्था की रिपोर्ट का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश 21वें स्थान पर पहुंच गया है। आठवीं कक्षा के बच्चे दूसरी कक्षा की किताबें भी नहीं पढ़ पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नए स्कूल खोलने की बजाए शिक्षा विभाग को मजबूत करने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि पूर्व की भाजपा सरकार ने अंतिम साल में 400 संस्थान खोल दिए, लेकिन ऐसा करने से भी सरकार रिपीट नहीं हो पाई। उन्होंने शिक्षा में सुधार के लिए विधायकों से सहयोग की अपील की।
