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 शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा सचिवालय के पुस्तकालय कक्ष में आयोजित डॉ. यशवंत सिंह परमार के 118वें राज्य स्तरीय जन्मोत्सव पर सभागार में मौजूद मन्त्री परिषद के सदस्यों, माननीय विधानसभा सदस्यों, पूर्व सदस्यों तथा अन्य गणमान्य तथा विशिष्ट अतिथियों को सम्बोधित करते हुए हिमाचल प्रदेश विधान सभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि आज हमें डॉ. यशवंत सिहं परमार के आदर्शों, सुझाये गये मार्गों तथा उनकी विचारधारा को अपनाने की आवश्यकता है। यही आज उनके 118वें जन्म दिवस पर एक सच्ची श्रदांजलि होगी। 

पठानिया ने कहा कि डॉ. परमार एक शिक्षाविद्व ही नहीं, बल्कि कानून के विशेषज्ञ भी थे। उन्होंने हमेशा अपनी काबलियत का लोहा मनवाया तथा हिमाचल प्रदेश के निर्माण गठन तथा पूर्ण राज्यत्व के लिए कठोर संघर्ष किया तथा सफलता हासिल  की।

कुलदीप पठानिया ने कहा कि  डॉ. परमार एक युग दृष्टा थे तथा उन्हें हिमाचल तथा हिमाचलियों से अगाध प्रेम था। उन्होंने कहा कि जब डॉ. परमार ने प्रदेश की बागडोर संभाली, सोचो तब क्या था। ना सड़कें, ना पुल, ना बिजली की व्यवस्था तथा ना ही समूचित धन था। वह एक दूरदर्शी नेता थे। उन्होंने पहले ही तय कर दिया था कि सड़कें हमारी जीवन रेखा है। इसके बिना विकास सम्भव नहीं है उन्होंने हमेशा ही सिर्फ और सिर्फ प्रदेश के विकास की बात की तथा कठिन परिस्थियों के बावजूद भी हमेशा जन हितैषी सरकार चलाई।

पठानिया ने कहा कि आज का दौर उम्दा है। आज टैक्नोलॉजी ने पूरे विश्व में क्रान्ति लाई है। आज अगर हमें किसी चीज  की आवश्यकता है तो डॉ. परमार के विचारों  को अपनाने की तथा बिना लोभ-लालच जन हित में कार्य करने की .

 पठानिया ने समागार में मौजूद राजनेताओं, अधिकारियों तथा कर्मचारियों का आह्वान किया कि हमें मिलकर डॉ. परमार की राह पर चलना होगा, तभी हम इस प्रदेश के सच्चे हितैषी हो सकते हैं।

 पठानिया ने कहा कि डॉ. परमार संविधान सभा की ड्राफ्टिंग कमेटी के सदस्य भी रहे तथा देश व प्रदेश हित में उनका योगदान अतुल्नीय तथा अविस्मरणीय रहा है। इस अवसर पर मुख्यमन्त्री तथा विधानसभा अध्यक्ष द्वारा डॉ. परमार के जीवन पर आधारित अंशुक अत्री तथा डॉ. राजेन्द्र अत्री द्वारा लिखित एवं प्रकाशित पुस्तकों, परमार:हिमाचल के शिल्पकार तथा Parmar : The Crafting of Himachal Pradesh का भी विमोचन किया गया। इस अवसर पर डॉ. परमार के जीवन पर अधारित चित्र कला प्रदर्शनी तथा समागार में वृत चित्र  का भी अवलोकन किया गया।

इस अवसर पर मुख्यमन्त्री ठाकुर सुरविन्दर सिंह सुक्खू बतौर मुख्य अतिथि कार्यक्रम में शामिल हुए तथा डॉ. परमार के चित्र पर माल्यार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमन्त्री तथा विधानसभा उपाध्यक्ष विनय कुमार ने भी उपस्थित विशिष्ट लोंगो को सम्बोधित किया।  इस अवसर पर काबिना मन्त्री डॉ. कर्नल धनि राम शांडिल, प्रो. चन्द्र कुमार, रोहित ठाकुर, विक्रमादित्य सिंह तथा राजेश धर्माणी उपस्थित थे। सीपीएस मोहन लाल ब्राक्टा, चौधरी राम कुमार, उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, चेयरमैन भवानी सिंह पठानिया,  केहर सिंह खाची, विधायक गण, पूर्व विधायक गण, पूर्व विधान सभा अध्यक्ष डॉ. राधा रमण शास्त्री, ठाकुर कौल सिंह तथा गंगू राम मुसाफिर के अलावा शिमला मे महापौर सुरेन्द्र चौहान तथा पार्षद भी उपस्थित थे। कार्यक्रम में विधान सभा सचिव यशपाल शर्मा निदेशक सूचना एवं जनसम्पर्क राजीव कुमार, भाषा कला एंव संस्कृति विभाग के निदेशक डॉ. पंकज ‍ललित, नगर निगम के आयुक्त भूपेन्द्र अत्री तथा विधानसभा सचिवालय के अधिकारी एवं कर्मचारी भी मौजूद थे।

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