़़पठानिया ने जयराम ठाकुर से कहा – अपनी सोच और शब्दों पर रखें नियंत्रण, संवैधानिक कदम उठाने के लिए मजबूर न करें
शिमला। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा है कि उनका आचरण कैसा हाेना चाहिए, इसके लिए उन्हें नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर से किसी प्रकार के सर्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं है। उन्हाेंने जयराम ठाकुर से कहा कि वह अपनी सोच और शब्दों पर नियंत्रण रखें, उन्हें फिर से संवैधानिक कदम उठाने के लिए मजबूर न करें। उन्होंने यह भी कहा कि जयराम ठाकुर का अपनी भाषा पर नियंत्रण नहीं है और वह बौखलाहट में हैं। वे बुधवार को यहां प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित कर रहे थे।
विधानसभा अध्यक्ष ने साफ कहा कि उनके निर्णयों की आलोचना अवमानना के दायरे में आती है। फिर यह आलोचना सदन के भीतर हो या सदन के बाहर। उन्होंने कहा कि जिस तरह अदालत के निर्णयों की आलोचना अवमानना के दायरे में आती है, उसी तरह विधानसभा अध्यक्ष के निर्णय की आलोचना भी अवमानना के दायरे में आती है। उनके निर्णयों की समीक्षा केवल सदन के भीतर हो सकती है। इसके लिए भी विधानसभा अध्यक्ष की अनुमति जरूरी है।
कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि उनके फैसलों को न केवल जनता ने, बल्कि हाईकोर्ट और सुप्रीमकोर्ट ने भी सही ठहराया है। ऐसे में इन फैसलों पर सार्वजनिक मंचों पर बयानबाजी करना सरासर गलत है और नियमों का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि जो नियम-कानून सदन के भीतर लागू होते हैं, वही नियम कानून सदन के बाहर भी लागू होते हैं। उन्होंने विधानसभा सदस्यों, खासकर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर से आग्रह किया कि अगर वह विधानसभा अध्यक्ष के निर्णयों पर चर्चा करना चाहते हैं तो सदन के भीतर ही इन्हें उठाएं न कि पब्लिक डोमेन में।
विधानसभा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और विपक्ष के अन्य विधायक व नेता राजनीतिक लाभ लेने के लिए उनके निर्णयों पर सार्वजनिक मंचों से बयानबाजी कर रहे हैं, वह ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि इस तरह की परंपरा को रोकने के लिए विधानसभा अध्यक्ष के पास तीन तरह के अधिकार क्षेत्र मौजूद हैं। पठानिया ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष जानते हैं कि विधानसभा अध्यक्ष के फैसला सही है, लेकिन इसके बावजूद वह जानबूझकर इन निर्णयों पर विधानसभा अध्यक्ष की आलोचना कर रहे हैं और गलत शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं जो सही नहीं है। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट और सुप्रीमकोर्ट ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि कोई भी संवैधानिक अदालत विधानसभा अध्यक्ष के अधिकारों में दखल नहीं दे सकती।
विधानसभा अध्यक्ष ने सभी विधानसभा सदस्यों को हिमाचल प्रदेश विधानसभा की परंपराओं और स्वभाव के अनुसार काम करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सदस्य सदन की मान मर्यादा का सम्मान करें और किसी की भी मर्यादा को ठेस न पहुंचाएं। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि वह नहीं चाहते कि उन्हें मजबूरन नियमों को लागू करना पड़े।
कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि उनका आचरण क्या होना चाहिए, क्या नहीं होना चाहिए, इसके लिए उन्हें नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर से प्रमाण पत्र नहीं चाहिए। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि उनके निर्णयों को प्रदेश की जनता ने अपना प्रमाण पत्र दे दिया है और हाल ही में संपन्न 6 विधानसभा उपचुनाव में से चार सीटों पर जनता ने कांग्रेस के विधायकों को चुना है। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर को प्रदेश की जनता की भावनाओं को समझना चाहिए और उसी के अनुसार व्यवहार करना चाहिए।
कुलदीप पठानिया ने एक सवाल के जवाब में कहा कि विपक्ष के नौ सदस्यों के निलंबन का मामला सदन में आएगा। उन्होंने 9 सदस्यों को नोटिस दिया था, जिसका जवाब आ चुका है और अब उचित समय पर वह सदन के भीतर अपना फैसला सुनाएंगे।
