शिमला। हिमाचल भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल पूर्व मंत्री आरडी कश्यप की अगुवाई में बुधवार को शिमला में मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मिला। इस प्रतिनिधिमंडल में पूर्व रिटायर्ड आईएएस जेसी शर्मा और पूर्व मेयर कुसुम सदरेट भी शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा प्रचार में लगाए गए आरोपों की कड़ी निंदा की गई। ज्ञापन में कहा गया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने दावा किया था कि 55 लाख रुपये पकड़े गए है, जो कि निराधार, गलत और तथ्यों से परे है।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी कर्ण नंदा ने बताया कि मुख्यमंत्री सुक्खू राजनीतिक वातावरण को खराब करने का प्रयास कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें चुनाव में अपनी हार का आभास हो रहा है। भाजपा का मानना है कि मुख्यमंत्री का यह बयान केवल जनता का ध्यान भटकाने के लिए है। भाजपा ने चुनाव आयोग से मांग की कि यदि 55 लाख रुपये की बरामदगी का आरोप सही है, तो मुख्यमंत्री को बताना चाहिए कि वह राशि कहां से प्राप्त हुई और किस सरकारी खाते में जमा की गई है।
कर्ण नंदा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी झूठ की राजनीति कर रही है और केवल वोट बटोरने की कोशिश में जुटी है। भाजपा ने चेतावनी दी कि अगर ये आरोप सिद्ध नहीं होते हैं, तो भाजपा उग्र रुख अपनाएगी और कानूनी नोटिस जारी करेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा ने मुख्यमंत्री से सार्वजनिक माफी की मांग की है और कहा है कि अगर आरोप सिद्ध नहीं होते हैं तो मुख्यमंत्री को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
