शिमला। बागवानी एवं राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा है कि प्रदेश के तीन निर्दलीय विधायकों पर भाजपा का भारी दबाव है। इसी दबाव के चलते उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष को अपना त्यागपत्र दिया है। उनके त्यागपत्र अभी भी विधानसभा अध्यक्ष के पास लंबित हैं। उनका कहना है कि विधानसभा अध्यक्ष के पास यह शक्ति है कि वह किसी के भी त्यागपत्र की पूरी जांच करें कि क्या वह स्वेच्छा से दिया गया है या किसी दबाव में। उन्होंने कहा है कि विधानसभा अध्यक्ष के पास इसे स्वीकार या अस्वीकार करने का भी पूरा अधिकार है।
प्रदेश कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन में वीरवार को पत्रकार सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए जगत सिंह नेगी ने कहा कि निर्दलीय विधायकों को जिस प्रकार से केंद्र की भाजपा सरकार ने सुरक्षा दे रखी थी, उससे भी साफ है कि उन पर कोई दबाव है। उन्होंने कहा कि देश के इतिहास में यह पहला मामला है, जहां निर्दलीय विधायकों ने त्यागपत्र दिया हो और अपने त्यागपत्र स्वीकार करवाने के लिये उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया हो। उन्होंने कहा कि चूंकि अभी इन निर्दलीय विधायकों पर विधानसभा अध्यक्ष का फैसला आना बाकी है, इसी बीच इन तीन विधायकों ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली है।
जगत सिंह नेगी ने कहा कि उन्होंने अब इस मामले को विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष चुनौती दी है कि निर्दलीय विधायक किसी भी अन्य दल में शामिल नहीं हो सकते, इसलिए इन्हें भी अयोग्य घोषित किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में भाजपा ने लोकतंत्र की हत्या की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के छह बागी नेता अब दागी के नाम से जाने जाएंगे। उन्होंने कहा कि कानून के तहत इन विधायकों की सदस्यता खत्म हुई है। इसके लिए वह स्वयं दोषी हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा ने जिस प्रकार पूर्ण बहुमत वाली कांग्रेस की सरकार को अस्थिर करने की कोशिश की है, अब इसका पूरा खुलासा हो चुका है।
कांग्रेस के छह न्याय और 25 गांरटियों से भाजपा पूरी तरह हतोत्साहित – नेगी
जगत सिंह नेगी ने कहा कि कांग्रेस के छह न्याय और 25 गांरटियों से भाजपा पूरी तरह हतोत्साहित है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के घोषणा पत्र से भाजपा छटपटाहट में है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने कभी नहीं कहा कि सरकार देश में लोगों की जमीनों पर कब्जा करेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने भूमिहीनों को जमीन देने का जो वादा किया है वह सरकारी जमीन का है। उन्होंने कहा कि देश मे लैंड सीलिंग एक्ट है और इसी आधार पर अगर किसी के पास तय सीमा से ज्यादा भूमि हो तो उसे सरकार अधिग्रहण करती है।
नेगी ने भाजपा के उस आरोप पर भी जिसमें वह महिलाओं के मंगलसूत्र बेचने की बात कह रही है, पर कड़ा प्रतिकार करते हुए कहा कि यह काम तो भाजपा करती रही है। उन्होंने कहा कि मणिपुर जैसी घटनाएं इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है जहां सैकड़ों महिलाओं के सुहाग उजड़ गए। उन्होंने कहा कि भाजपा मुद्दों पर कोई बात नहीं करती। देश में बढ़ती मंहगाई, बेरोजगारी, महिला सुरक्षा व देश की बाहरी सुरक्षा जैसे अनेक मुद्दे हैं। प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने अपनी 5 गारन्टियां पूरी कर दी है, जिसमें ओपीएस और महिलाओं को 1500 रुपए की गारंटी प्रमुख है।
नेगी ने कहा कि आपदा के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार भी प्रदेश का रुख नहीं किया। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनावों के समय प्रधानमंत्री मोदी ने प्रदेश के लोगों विशेष तौर पर बागवानों से जो वादा किया था वह भी उन्होंने पूरा नहीं किया। उन्होंने कहा कि देश मे सेब आयात से प्रदेश के सेब बागवानों पर बहुत बड़ी मार पड़ी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार सेब बागवानों व किसानों के हितों के प्रति पूरी तरह कृतसंकल्प है।
निर्दलीय विधायकों के मामले में विधायक हरीश जनारथा भी पहुंचे हाईकोर्ट
शिमला शहरी के विधायक हरीश जनारथा ने बताया कि उन्होंने प्रदेश उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की है, जिसमें उन्होंने इन निर्दलीय विधायकों की याचिका पर कोई फैसला देने से पूर्व उन्हें भी सुनने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि इन निर्दलीय विधायकों ने जिस दबाव में अपना त्यागपत्र दिया है वह इसकी जानकारी पूरे तथ्यों के साथ न्यायालय के समक्ष पेश होकर रखना चाहते हैं।
जनारथा ने कहा कि भाजपा ने एक सोची समझी रणनीति के तहत प्रदेश की कांग्रेस सरकार को अस्थिर करने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने प्रदेश में जनमत का अपमान करते हुए लोकतंत्र की हत्या करने की जो कोशिश की है वह बहुत ही निंदनीय है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इन चुनावों में भाजपा के षड्यंत्र का पूरा खुलासा करेगी।
