शिमला। हिमाचल प्रदेश में वाहनों की मैनुअल पासिंग बंद होने जा रही है। एक अक्टूबर के बाद से परिवहन विभाग का कोई भी अधिकारी वाहनों की पासिंग नहीं करेगा। इसके बाद हिमाचल में जो भी वाहन पास किए जाएंगे, वह ऑटोमेटिक टेस्टिंग सेंटर के जरिये होंगे। हर जिला में परिवहन विभाग एक-एक सेंटर स्थापित कर रहा है, जिन्हें बाद में बढ़ाया जाएगा। अगर यहां से वाहन पास हो जाते हैं तो उन्हें फिटनेस सर्टिफिकेट दिया जाएगा। अगर वाहन यहां पर दो बार पासिंग में फेल हो जाते हैं तो वाहन सीधे स्क्रैप में चले जाएंगे।
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने शनिवार को यहां प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि इस साल परिवहन विभाग नए-नए बदलाव करने जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक अक्टूबर के बाद से हिमाचल में सभी वाहनों की पासिंग ऑटोमेटिक टेस्टिंग सेंटर के जरिये होगी। उन्होंने कहा कि इस सिस्टम में वाहनों को दो चांस दिए जाएंगे। अगर पहले चांस में वाहन पास नहीं होता है तो दूसरा चांस दिया जाएगा। इसके अलावा अगर दूसरे चांस में भी वाहन पास नहीं होता है तो सीधे स्क्रैप में चला जाएगा। ऐसे में हिमाचल के 5 लाख से ज्यादा वाहनों पर अब खतरा मंडरा गया है। परिवहन विभाग के अनुसार हिमाचल में 22 लाख 43 हजार 524 वाहन पंजीकृत हैं। इसमें 19 लाख 25 हजार 593 निजी वाहन और 3 लाख 17 हजार 931 व्यवसायिक वाहन के रूप मेें पंजीकृत है। ऐसे में हिमाचल में कई लोग ऐसे है जोकि 15 साल से ज्यादा पुराने वाहन भी चला रहे हैं। ऐसे में यह सभी वाहन जल्द ही स्क्रैप में चले जाएंगे।
अग्निहोत्री ने कहा कि परिवहन विभाग फैंसी नंबर बेचकर भी विभाग की कमाई बढ़ा रहा है। अब तक 3,155 फैंसी नंबर नीलाम किए गए। इससे परिवहन विभाग को करीब 11 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल हो चुका है।
15 साल पुराने सरकारी वाहन जाएंगे स्क्रैप में
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल में 15 वर्ष पुराने सभी सरकारी वाहन भी स्क्रैप में चले जाएंगे। उन्होंने कहा कि इन सभी वाहनों की रजिस्ट्रेशन खत्म कर दी गई है। सरकारी पोर्टल से भी इन सभी वाहनों को हटा दिया गया है। ऐसे में अब जो भी नए वाहन सरकारी विभागों में रखे जाएंगे, वह इलेक्ट्रिक होंगे।
उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि इस साल परिवहन विभाग पांच वाहन स्क्रैपिंग सुविधा सेंटर खोलने जा रहा है। इसको लेकर काम चला हुआ है। उन्होंने कहा कि पुराने वाहन को स्क्रैप करने के बाद स्क्रैप एजेंसी द्वारा प्रमाणपत्र दिया जाएगा। इसके आधार पर वाहन मालिक नई गाड़ी के पंजीकरण पर, गैर परिवहन वाहनों पर 25 प्रतिशत तक और परिवहन वाहनों पर 15 प्रतिशत तक की छूट प्राप्त कर सकेगा। इसके अतिरिक्त स्क्रैप वाहनों पर लंबित टैक्स को माफ किया जाएगा।
इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन
उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग के लिए प्रस्तावित 53 चार्जिंग स्टेशन पेट्रोल पंपों और 55 स्थान सरकारी क्षेत्र में चिन्हित किए गए हैं। 17 पेट्रोल पंपों पर चार्जिंग स्टेशनों को आम जनता के लिए समर्पित करने का कार्य अंतिम चरण में चला हुआ है। फरवरी माह के अंत तक इसे पूरा कर लिया जाएगा। 36 पेट्रोल पंपों पर चार्जिंग स्टेशन को स्थापित करने का काम आईओसीएल द्वारा हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड के साथ मिलकर किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त विभाग ने 55 स्थान जोकि सरकारी क्षेत्रों में चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए चयननित किए गए हैं।
साल 2023-24 में 775 करोड़ रुपये के राजस्व का लक्ष्य
डिप्टी सीएम अग्निहोत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने वित्त वर्ष 2023-24 के लिए 775 करोड़ रुपये के राजस्व का लक्ष्य रखा है। 31 दिसंबर 2023 तक विभाग 581.13 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल कर चुका है, जो कि लक्ष्य का 75 फीसदी है। इससे पहले साल साल 2022-23 में 572.10 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा था और विभाग ने 675.17 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल किया।
