शिमला। प्रदेश भाजपा प्रवक्ता और विधायक बलबीर वर्मा ने कहा है कि एशिया की सबसे बड़ी खाद्य प्रसंस्करण इकाई पराला वर्ल्ड बैंक और केंद्र सरकार की देन है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू केवल मात्र उद्घाटन एवं शिलान्यास करने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट है कि कांग्रेस की वर्तमान सरकार को सब कुछ प्लेट पर सजा सजाया मिल रहा है और वह केवल भोगने का कार्य कर रहे हैं।
वर्मा ने बुधवार को यहां कहा कि पराला में फूड प्रोसेसिंग प्लांट बनाने के लिए वर्ल्ड बैंक से 101 करोड़ रुपए रुपए प्राप्त हुआ। उसके उपरांत 2016-17 से जयराम ठाकुर सरकार ने तीव्रता से कार्य करते हुए उसको पूर्ण किया। पूर्व सरकार के दौरान ही प्लांट का पूर्ण काम हो गया था, केवल मात्र पानी की समस्या के कारण और साइट डेवलपमेंट कार्य के कारण इस मंडी का उद्घाटन नहीं हो पाया था। आज जब ये दोनों कार्य पूरे हो गए, उसके उपरांत मुख्यमंत्री ने इस प्लांट का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि यह प्लांट केंद्र सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश के किसानों के लिए सबसे बड़ा उपहार है। इस प्लांट की लड़ाई पूर्व मंत्री नरेंद्र ब्रागटा ने भी लड़ी और इसकी स्थापना में उनका बहुत महत्वपूर्ण योगदान रहा। आज वह दुनिया में नहीं है पर उनके किए गए कार्य आज भी किसानों के लिए बहुत बड़ा वरदान साबित हो रहे हैं।
प्रदेश भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि पहले जूस, जैम और सब से अन्य उत्पादकों को बनाने के लिए सेब को परवाणू ले जाया जाता था। सेब जब तक परवाणू पहुंचते थे तब तक बड़ी मात्रा में सेब खराब हो जाते थे, पर आज यह सब पराला में आ रहे हैं। इससे न तो सेब खराब होते हैं और किसानों को सेब के दाम भी अच्छे मिलते हैं। कुल मिलाकर इस प्लांट का बहुत बड़ा फायदा किसानों को हुआ है।
वर्मा ने कहा कि डीजीपी मामले में सरकार की नाकामी स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि सरकार को जहां निर्णय लेना है वहां लेती नहीं है और जहां निर्णय नहीं लेने हैं वह ले लेती है। उन्होंने कहा कि यह सरकार के लिए शर्मनाक बात है कि कोर्ट की फटकार के बाद डीजीपी को हटाने का कार्य हुआ, सरकार को इस बारे में सोचना चाहिए।
