शिमला। विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि चौदहवीं विधान सभा का तृतीय सत्र अपेक्षा अनुरूप पूर्ण सफलता के साथ सम्पन्न हुआ है। पठानिया ने कहा कि यह सत्र 18 सितम्बर, 2023 को हुआ था। इस सत्र में कुल 7 बैठकें आयोजित की गई। इस सदन की कार्यवाही कुल 36 घण्टे 38 मिनट तक चली तथा इसकी उत्पादकता 106 प्रतिशत रही।
पठानिया ने कहा कि इस मानसून सत्र में सदस्यों द्वारा कुल 743 प्रश्न सरकार से पूछे गए, जिसमें 547 प्रश्न तारांकित तथा अतारांकित प्रश्न 196, इस सत्र के दौरान कुल 369 तारांकित तथा 186 अतारांकित प्रश्नों की सूचनाओं पर सरकार द्वारा उपलब्ध करवाए गए। इसके अतिरिक्त नियम 61 के अन्तर्गत 8, नियम 62 के अन्तर्गत 5, नियम 101 के अन्तर्गत 3, नियम 130 के अन्तर्गत 3,तथा 324 के अन्तर्गत 9 विषयों पर सार्थक चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि नियम 102 के अन्तर्गत 1 सरकारी संकल्प जो प्रदेश में मानसून के कारण हुए नुकसान के दृष्टिगत इसे राष्ट्रीय आपदा मानते हुए हिमाचल प्रदेश के लिए 12000 हजार करोड़ रुपये का विशेष पैकेज दिया जाए, पर सदन में सार्थक चर्चा होने के उपरान्त पास किया गया, जिसे आगामी कार्यवाही हेतु विभाग को प्रेषित कर दिया गया है। इस पर चर्चा 15 घण्टे 30 मिनट तक चली।
पठानिया ने कहा कि सभा की समितियों के 85 प्रतिवेदन सभा में उपस्थापित किए गए। बजट सत्र में नियम 63 के अन्तर्गत पारित प्रस्ताव प्रदेश में भांग के औषधीय गुणों को देखते हुए प्रदेश में इसकी खेती वैध करने बारे सरकार द्वारा गठित समिति का प्रतिवेदन भी सदन में प्रस्तुत किया गया। इसके साथ ही उप मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश में वितीय स्थिति पर श्वेत पत्र बारे भी वक्तव्य दिया गया। पठानिया ने कहा कि अभी तक हम इस कैलेण्डर वर्ष में 26 बैठकें पूरी कर चुके हैं। पिछले सत्र में 16 बैठकों का आयोजन किया गया था, जिसकी कार्यवाही 75 घण्टे चली थी व उसकी उत्पादकता 94 प्रतिशत रही थी तथा उस सत्र में 1215 सूचनाएं माननीय सदस्यों से प्रश्नों के माध्यम से प्राप्त हुई थी।
उन्होंने कहा कि सदस्यों के माध्यम से जो सूचनाएं इस सत्र में प्राप्त हुई थी वह मुख्यत: प्रदेश में हाल ही में भारी वर्षा तथा प्राकृतिक आपदा से उत्पन्न हुई स्थिति तथा सरकार द्वारा उससे निपटने के लिए किए गए प्रयासों, सड़कों की दयनीय स्थिति तथा उसकी बहाली, स्वीकृत सड़कों की डीपीआर, प्रदेश में महाविद्यालयों, स्कूलों, स्वास्थ्य संस्थानों इत्यादि का उन्नयन एवं मिश्रित विभागों में रिक्त पदों की पदपूर्ति, पर्यटन, उद्यान, राजस्व, पेयजल की आपूर्ति, युवाओं में बढ़ते नशे के प्रयोग की रोकथाम, बढ़ते अपराधिक मामलों, सौर ऊर्जा, परिवहन व्यवस्था पर आधारित थी। इसके अतिरिक्त सभी सदस्यों ने अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्र की समस्याओं को भी सदन में प्रमुखता से उठाया तथा सरकार से आश्वासन भी प्राप्त किए।
