चम्बा। प्राकृतिक आपदाओं के चलते प्रदेश में जारी मानसून सीजन के दौरान 6500 से अधिक घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हुए हैं। 24 सितंबर से पहले ऐसे सभी परिवारों को आवास योजना से लाभान्वित किया जाएगा। ये शब्द ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने चुराह विधानसभा क्षेत्र के तहत लोक निर्माण विश्रामगृह में आयोजित कार्यक्रम के दौरान व्यक्त किये।
उन्होने कहा कि भारी बारिश एवं बादल फटने की घटना घटनाओं से हिमाचल प्रदेश में 14 हजार से अधिक घरों को नुकसान हुआ है। इनमें 6500 से अधिक अधिक ऐसे घर हैं जो पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। उन्होंने ये भी कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा राहत एवं बचाव, पुनर्वास व पुनर्निर्माण कार्यों में विशेष प्राथमिकता रखी है।
विधानसभा क्षेत्र तीसा के तहत आपदा प्रभावित लोगों की सुविधा के लिए ग्रामीण विकास मंत्री ने खंड विकास अधिकारी को पंचायत स्तर पर दोबारा से सूची तैयार करने के निर्देश दिए। साथ में उन्होंने यह निर्देश भी दिए कि आपदा प्रभावित किसानों-बागवानों के भू-क्षरण से प्रभावित खेत-खलिहान, गौशाला तथा लोगों के घरों को हुए आंशिक नुकसान की भरपाई के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी अधिनियम से एक लाख तक की राशि के कार्यों को जल्द स्वीकृति प्रदान की स्वीकृति उन्होने कहा कि प्रदेश सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी अधिनियम के कार्यों में सीमेंट को खुले बाजार से लेने की स्वीकृति भी प्रदान कर दी है ताकि कार्य निरंतरता के साथ जारी रह सके। इससे पहले अनिरुद्ध सिंह ने कोटी विश्रामगृह में लोगों की जन समस्याओं का समाधान किया।
इस दौरान एनपीएसइए के राज्य सलाहकार संजीव अत्रि एवं स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों ने ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री को यहा खंड विकास कार्यालय खोलने को लेकर मांग पत्र भी प्रस्तुत किया। उन्होने लोगों की विभिन्न समस्याओं के अनुरूप संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश मौके पर जारी किए।
उन्होंने इस दौरान ग्राम पंचायत सत्यास में 41 लाख रूपयों की राशि से निर्माणाधीन मुख्यमंत्री लोक भवन का निरीक्षण भी किया तथा संबंधित विभाग के अधिकारियों को जल्द निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश भी दिए। कांदला, बड़ोह, नकरोड़, चिल्ली इत्यादि क्षेत्रों में भी लोगों ने अपनी समस्याएं कैबिनेट मंत्री के समक्ष रखी।
