संजय रतन ने कहा कि पूर्व मंत्री कहते हैं कि 2017 से 2022 तक इन 5 सड़कों की डीपीआर तैयार हुई है और जयराम ठाकुर के कार्यकाल में हुई है। इसके बारे में पूर्व मंत्री बताएं कि वे उस कार्यकाल में देहरा के विधायक थे या ज्वालामुखी के। उन्होंने पूछा कि इन सड़कों की डीपीआर कब बनाई गई थी इसकी जानकारी कोई भी व्यक्ति आरटीआई के माध्यम से ले सकता है। उन्होंने कहा कि देहरा के लोक निर्माण विभाग में कब कंसलटेंट नियुक्त किया गया और कब इन सड़कों की डीपीआर बनाई गई, शिमला से कब अप्रूव करवा कर इन्हें केंद्र सरकार को भेजा गया। आरटीआई के माध्यम से कोई भी इसकी जानकारी ले सकता है।
संजय रतन ने बताया कि जनवरी 2023 में इनकी डीपीआर बनाकर हमारी सरकार में केंद्र सरकार को भेजी गई और अब ज्वालामुखी को 5 सड़कों की स्वीकृति मिली है और 76 करोड़ रुपए इन 5 सड़कों को स्वीकृत हुए हैं जबकि उन्होंने 110 करोड़ की मांग की थी । उन्होंने बताया कि ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र में प्राकृतिक आपदा के चलते सैकड़ों करोड रुपए का नुकसान हुआ है, जिनमें पांच गांव ऐसे हैं वहां पर अब लोग दोबारा बसाए नहीं जा सकते। उन्होंने बताया की यह गांव चौकी, दोदरू, पोखरू, बटाल खुर्द और अंबाडा है। यहां पर लोगों को अपने घर खाली करने पड़े हैं उन्होंने हर गांव में जाकर अधिकारियों सहित लोगों की दुख तकलीफ सुने हैं । उन्होंने प्रशासन को निर्देश देकर आईटीआई खूंडियां, पुखरू स्कूल, सुदल स्कूल में शिविर लगाकर लोगों को शरण दिलवाई है और उनके खाने-पीने का इंतजाम किया है। उन्होंने कहा कि जब तक उनको कहीं सही तरीके से बसाया नहीं जाता, तब तक उनका ख्याल रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग आपदा की इस घड़ी में भी सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए राजनीति कर रहे हैं जिसकी वे कड़ी निंदा करते हैं। उन्होंने बताया कि ज्वालामुखी में जो आपदा से नुकसान हुआ है उसको देखने के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह ने शीघ्र ज्वालामुखी आने का आश्वासन दिया है। जो लोग बेघर हुए हैं उनको मुख्यमंत्री के माध्यम से भूमि उपलब्ध करवाई जाएगी। इस मौके पर उनके साथ नगर परिषद ज्वालामुखी के अध्यक्ष धर्मेंद्र शर्मा, ज्वालामुखी ब्लॉक कांग्रेस के अध्यक्ष कैप्टन दीपक चौहान, पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राजेंद्र राणा, युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव नीरज शर्मा, नगर पार्षद सुरेंद्र चौधरी, अजय कुमार, अश्विनी कुमार व अन्य के लोग उपस्थित थे।
