मंडी: नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा दी गई आपदा राहत का पैसा सरकार पात्र प्रभावितों में बांटे। आपदा प्रभावितों के साथ राजनीति दुखद है। उन्होंने कहा कि कई जगह से ऐसी बातें सामने आई है कि अपने चहेतों को आपदा में नुक़सान न होने के बाद भी उन्हें आपदा राहत तहत आर्थिक सहयोग दिया जा रहा है। जबकि पात्र प्रभावितों को केंद्र सरकार द्वारा भेजी गई सहायता नहीं पहुंच पाई है। उन्होंने कहा कि सरकार आपदा राहत में दलगत राजनीति से ऊपर उठे। दल विशेष से संबंधित न होने की वजह से लोगों को आपदा राहत राशि न मिल पाना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार अपने लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए अलग तरीक़ा निकाले। केंद्र सरकार द्वारा भेजे गये पैसे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। सरकार इस तरह के कार्यों पर नियंत्रण लगाए। अब तक जो करना था कर लिया। अब नेताओं के परिजनों और बेटे-बेटियों से आपदा राहत के लिए नक़द धनराशि बंटवाना बंद करिए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा भेजी गई आपदा राहत राशि में प्रदेश सरकार भी योगदान करे। अभी भी बहुत से लोगों को राहत नहीं मिल पाई है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार अपने लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए अलग तरीक़ा निकाले। केंद्र सरकार द्वारा भेजे गये पैसे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। सरकार इस तरह के कार्यों पर नियंत्रण लगाए। अब तक जो करना था कर लिया। अब नेताओं के परिजनों और बेटे-बेटियों से आपदा राहत के लिए नक़द धनराशि बंटवाना बंद करिए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा भेजी गई आपदा राहत राशि में प्रदेश सरकार भी योगदान करे। अभी भी बहुत से लोगों को राहत नहीं मिल पाई है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि हम भी प्रदेश के हित के लिये ही काम करते हैं। आपदा आई, विपक्ष का नेता होने के बाद भी वे तीन तीन बार दिल्ली गए। उन्होंने कहा कि केंद्रीय नेताओं के सामने प्रदेश के वास्तविक हालात रखे और उनसे मदद करने का आग्रह किया। केंद्र सरकार ने तत्काल मदद की। आपदा राहत का एडवांस फंड जारी कर दिया। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गड़करी भी हिमाचल आये और नेशनल हाईवे को सही करवाने के साथ-साथ नेशनल हाईवे के एक किलो मीटर की परिधि में आने वाले स्टेट हाईवे और बह गए और क्षतिग्रस्त हुए पुलों को भी सही करवाने की घोषणा की।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पूरे प्रदेश में आपदा आई, लोगों का बहुत नुक़सान हुआ है। आपदा में राहत करने की बजाय प्रदेश सरकार में बैठे लोगों ने इसे भी राजनीतिक रंग देने का प्रयास किया और आरोप लगाया कि सिराज में नेता प्रतिपक्ष की वजह से आपदा आई। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा है तो प्रदेश में बाक़ी जगह किसकी वजह से आपदा आई। आरोप लगाने वाले लोगों को यह भी बताना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि जो चाहे, जैसी चाहे, जांच करवा ले, लेकिन इस तरह के आरोप लगाने की राजनीति न करे। ऐसे वक़्त में सरकार की तरफ़ से आपदा प्रभावितों को राहत देने के प्रयास होने चाहिए उनपर राजनीति के नहीं।
जंजैहली के आस-पास की छह पंचायतों के पचास लोगों को नेता प्रतिपक्ष ने राहत सामग्री प्रदान की
नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि कई साथियों ने थुनाग में हुए नुक़सान की वीडियो देखी तो उन्होंने मुझे ख़ुद संपर्क किया और आपदा प्रभावितों के मदद की इच्छा जताई। मैंने व्यक्तिगत स्तर पर भी प्रभावितों के मदद के लिए संपर्क किया। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी मुझे फ़ोन करके मदद करने की इच्छा जताई। लोगों द्वारा दी गई मदद को हमने प्रदेश के लोगों में वितरित किया है। पण्डोह, बालीचौकी में शुक्रवार को 13 प्रभावितों को राहत सामग्री दी गई थी शनिवार को जंजैहली में पचास प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री दी गई है। नेता प्रतिपक्ष ने आगे भी अपनी प्रभावित परिवारों के सहयोग के लिए प्रयत्न करने का आश्वासन दिया। इस मौक़े पर उनके साथ प्रदेश कार्यसमिति सदस्य गुलज़ारी लाल, पीतांबर, महामंत्री सराज मंडल टीकम, भीष्म, सीडी कॉप्रेटिव सोसायटी चेयरमैन कमल राना, ज़िला परिषद सदस्य खीम दासी, पंचायत प्रधान थुनाग धनेसर पंचायत प्रधान तुंगाधार हेमराज अन्य स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
