शिमला। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की शिमला जिला कमेटी ने राजधानी शिमला व इसके साथ लगते क्षेत्रों में पेयजल की आपूर्ति नियमित न होने पर गम्भीर चिंता जताई है। माकपा के मुताबिक सरकार अभी तक प्रदेश की राजधानी शिमला में भी पेयजल की आपूर्ति सुचारू नहीं कर पाई है और कई इलाकों में अभी भी 4 से 6 दिन के बाद भी बहुत कम मात्रा में पानी उपलब्ध हो पा रहा है।
माकपा के जिला सचिव संजय चौहान ने कहा कि राजधानी शिमला में आज भी जिन क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति भी की जा रही है, उनमें भी अधिकांश लोगो को प्रेशर उचित न होने के कारण पानी की आपूर्ति उचित मात्रा में नहीं हो पाई है। टैंकरों के माध्यम से भी सभी को उचित मात्रा में पानी नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि अधिकांश क्षेत्रों में तो अभी भी पानी की आपूर्ति सही रूप से नहीं की जा रही है और पानी की आपूर्ति समय सारिणी के अनुसार नही की जा रही है। जिससे विशेष रूप से ध्याड़ी मजदूरी करने वाले व सुबह नियमित रूप से स्कूल जाने वाले बच्चों व काम काज पर जाने वाले कर्मचारियों को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
संजय चौहान ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से शिमला शहर में सभी पेयजल आपूर्ति करने वाली स्कीमों से 31 से 38 MLD से अधिक आपूर्ति शुरू हो गई है। यदि प्रति व्यक्ति 100 लीटर पानी प्रति दिन भी दिया जाय तो 3 लाख लोगो को पानी उपलब्ध करवाया जा सकता है। परन्तु आज कई क्षेत्रों में तो कई कई दिनों तक पानी नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार व नगर निगम इसे सुचारू करना चाहते हैं तो उन्हे पूर्व के अनुभवों से सीख लेनी चाहिए और पानी की आपूर्ति एक दिन छोड़कर की जाए तो इससे सभी शहरवासियों को समय सारिणी के अनुसार अधिक समय तक पर्याप्त मात्रा में पानी की आपूर्ति की जा सकती है। इससे आम जनता को राहत मिलेगी तथा जैसे ही सभी स्कीमों से पानी की आपूर्ति सामान्य हो जाती है तो हर रोज पानी की नियमित आपूर्ति समय सारिणी के अनुसार की जाए। परन्तु नगर निगम व कंपनी इस परिस्थिति को संभालने में पूरी तरह से विफल है और शहर में चंद प्रभावशाली लोगों को नियमित पेयजल की आपूर्ति की जा रही है और आम जनता को 4 से 8 दिनों के बाद भी नाममात्र का ही पानी दिया जा रहा है।
चौहान ने कहा कि सीपीएम सरकार व नगर निगम से मांग करती है कि शिमला शहर में फिलहाल के लिए एक दिन छोड़ कर सभी को अधिक समय के लिए पेयजल की आपूर्ति की जाए तथा एक दिन पहले ही समय सारिणी को विभिन्न माध्यमों से जनता को अवगत करवाया जाए। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते शिमला शहर व इसके साथ लगते क्षेत्रो मे सभी को पेयजल की आपूर्ति सुचारु रूप से व्यवस्थित नहीं की गई तो पार्टी जनता को लामबंद कर सरकार व नगर निगम के विरुद्ध आंदोलन चलाएगी।
