नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि चुनाव के समय कांग्रेस ने हर हिमाचल के युवाओं से वादा किया था कि सरकार में आने पर वह हर विधानसभा क्षेत्र के लिए दस करोड़ रुपये का प्रावधान करेंगी, जिसकी मदद से युवा अपना कारोबार शुरू कर सकेंगे। कई नेताओं ने इस योजना के लिए लोगों के काग़ज़-पत्र भी चुनाव के पहले ही ले लिया था। अब सात महीने का समय बीतने वाला है, लेकिन सरकार ने एक बार भी इस योजना का नाम नहीं लिया है।
जयराम ठाकुर ने पूछा कि आख़िर कांग्रेस हिमाचल के युवाओं को दी गई इस गारण्टी को कब पूरा करेगी। उन्होंने कहा कि झूठ बोलकर सत्ता हासिल करने वालों को हिमाचल की जानता माफ़ नहीं करने वाली है। आज कांग्रेस के नेताओं का गांवों में जाना मुश्किल हो गया है। हिमाचल के लोग इनके महाझूठ के पोस्टर-बैनर लेकर बैठे हैं और पूछ रहे हैं कि आखिर वो आपकी दस गारण्टियां कहां गई। उन्होंने कहा कि हिमाचल के लोग कांग्रेस को छोड़ने वाले नहीं हैं। इनके एक एक झूठ का हिसाब लेंगे और आने वाले लोकसभा चुनाव में जवाब देंगे।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सेवा करने के लिये गारंटी देने की आवश्यकता नहीं होती है। इसके लिए अच्छी नीयत का होना ही काफ़ी है। उन्होंने कहा कि जब हमें हिमाचल की जनता ने सेवा का मौक़ा दिया तो हमने जनहित के पचासों ऐसे ऐतिहासिक काम किए, जिसकी हमने हिमाचल लोगों को गारण्टी नहीं दी थी। लेकिन जनहित में वह आवश्यक थे इसलिए हमने उन्हें किया। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने हिमकेयर, सहारा, गृहिणी, स्वावलंबन जैसी योजनाओं की गारण्टियां नहीं दी थी, लेकिन योजनाएं दी, जिसका लाभ हिमाचल कि लाखों लोगों को मिला।
हमने शुरू की स्वावलंबन योजना और हज़ारों लोगों को आत्म निर्भर बनाया : नेता प्रतिपक्ष
नेता प्रतिपक्ष ने कह कि उन्होंने प्रदेश के लोगों के लिए हिमाचल प्रदेश मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना की शुरुआत की। इस योजना में हिमाचल के नागरिकों को कारोबार शुरू करने के ख़ातिर लिए गये ऋण और ब्याज में सरकार सब्सिडी देती थी। कुल ऋण पर यह सब्सिडी पुरुषों के लिए 25 प्रतिशत, महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत और विधवा महिलाओं के लिए 35 प्रतिशत थी। जबकि 40 लाख के कर्ज तक ब्याज में 5 प्रतिशत की छूट भी हमने दी थी। इसके लिए हमने राज्य सरकार द्वारा युवाओं को 1 प्रतिशत की दर पर किराए की जमीन भी दी थी और स्टैंप ड्यूटी को 6 प्रतिशत से घटाकर 3 प्रतिशत कर दिया था।