शिमला। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा है कि कांग्रेस चुनाव में पांच लाख लोगों को सरकारी नौकरी का वादा करके सत्ता में आई और आते ही नौकरी छीनने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि आउटसोर्स कर्मियों को पांच महीनें से वेतन नहीं मिला है। अब तक सरकार ने लगभग दस हज़ार आउटसोर्स कर्मचारियों को सेवामुक्त कर दिया है। उन्होंने कहा कि बीते कल ही 2 हज़ार फ्रंट लाइन वर्कर्स की सेवाएं समाप्त कर दी।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार निकाले गये सभी कर्मियों का वेतन जल्दी से जल्दी जारी करते हुए उन्हें बहाल करे। उन्होंने कहा कि सरकार का काम नौकरियां देना है, नौकरियां लेना नहीं। उन्होंने कहा कि बीते कल निकाले गये फ्रंटलाइन वर्कर उस समय सेवा देने के लिए आगे आये जब देश में कोरोना जैसी जानलेवा बीमारी फैली हुई थी। उस समय में फ्रंट लाइन वर्कर भर्ती किए गए। सबने अपना जान जोखिम में डाल कर काम किया। इन्ही सबके प्रयासों से हिमाचल प्रदेश कोरोना की जंग में सबसे अग्रणी राज्य बना। ठाकुर ने कहा कि बीजेपी सरकार में उन्होंने यह तय किया कि किसी भी आउटसोर्स कर्मी को नौकरी से नहीं निकाला जायेगा। इसके साथ ही आउटसोर्स कर्मियों के लिए पॉलिसी बनाने की दिशा में काम किया। हमने आउटसोर्स कर्मियों के मानदेय की न्यूनतम सीमा को बढ़ाया और यह सुनिश्चित किया कि सभी को समय और मानदेय मिलता रहे। भाजपा सरकार में सभी को समय पर मानदेय मिलता रहा।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि चुनाव से पहले कांग्रेस ने दस गारण्टियां दी जिनमे पांच लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने की गारंटी भी शामिल थी, लेकिन सुक्खू सरकार सत्ता में आने के बाद से ही सारी सारी गारण्टियां भूल गई और जनविरोधी काम कर रही है। लगभग 1100 से ज़्यादा सेवारत संस्थान बंद कर दिए। लगभग 10 हज़ार लोगों को नौकरी से निकाल दिया। एक बार भी उनके परिवारों के बारे में नहीं सोचा गया कि जो इतने लंबे समय से सेवाएं दे रहे हैं, उनका क्या होगा। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि यह सिलसिला रुकने वाला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपनी सभी गारंटियों के मामले में एक्सपोज़ हो गई है।
