शिमला। कांग्रेस ने वाशिंगटन सेब के आयात शुल्क में 20 प्रतिशत तक की कटौती मामले पर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर से अपना स्टैंड क्लियर करने को कहा है। मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से पूछा है कि केंद्र के इस फैसले पर वह बागवानों के साथ है या फिर केंद्र सरकार के साथ है। उन्हें इस पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
नरेश चौहान ने शुक्रवार को यहां प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्र की मोदी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले प्रदेश के बागवानों से बड़ा वादा किया था कि वह सत्ता में आते ही सेब के आयात शुल्क को बढ़ाकर 100 प्रतिशत कर देंगे। चौहान ने खेद जताते हुए कहा कि आयात शुल्क 100 प्रतिशत तक तो नहीं बढ़ाया, जो 70 प्रतशित किया था उसे भी 20 प्रतिशत घटा कर 50 प्रतिशत कर दिया है। इससे उन्होंने प्रदेश के बागवानों के साथ बहुत बड़ा धोखा करार दिया।
नरेश चौहान ने केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने प्रदेश के लोगों से यह भी वादा किया था कि शीत पेयजल में वह पांच प्रतिशत सेब का रस मिला कर प्रदेश के बागवानों को इसका लाभ पहुंचाएंगे, लेकिन प्रधानमंत्री का यह वादा भी पूरा नहीं हुआ। चौहान ने इसे बागवानों की आर्थिकी के साथ बहुत बढ़ा धोखा करार दिया।
केंद्र को पत्र लिख कर इस पर पुनर्विचार करने की करेंगे मांग
नरेश चौहान ने कहा प्रदेश हित से जुड़े इस मुद्दे को देखते हुए राज्य सरकार जल्द केंद्र को एक चिट्ठी लिखकर इस मामले पर पुर्नविचार करने की मांग करेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री केंद्र से बात करके इस फैसले को वापिस लेने की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि वह इसे लेकर प्रदेश के बागवानों के साथ खड़े हैं और केंद्र सरकार से सेब के आयात शुल्क को बढ़ाने की मांग लगातार उठाते रहेंगे।
कार्टन की कीमतों में 23 प्रतिशत तक की कमी
नरेश चाैहान ने कहा कि सेब बागवानों को राहत देते हुए राज्य सराकर ने कार्टन की कीमतों में भारी कमी है। कार्टन की कीमतों में इस साल 11 से 23 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि फसलों को मंडियों तक पहुंचाने के लिए समय पर सड़कों और बंद रास्तों को बहाल किया जाए। इसे लेकर अधिकारियों को अलर्ट कर दिया गया है। एक सवाल के जवाब में नरेश चौहान ने कहा कि सरकार जल्द मंत्रिमंडल विस्तार करेगी। यह पार्टी हाईकमान और राज्य सरकार के बीच का मामला है।
