शिमला। प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री एवं हिमाचल निर्माता डॉ. वाईएस परमार की जयंती पर आज प्रदेश कांग्रेस ने राजीव भवन में एक समारोह का आयोजन किया। समारोह की अध्यक्षता प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हिमाचल को पूर्ण राज्य का दर्जा देने वाले डॉ. वाईएस परमार का जयंती समारोह कांग्रेस उनके पैतृक गांव में मनाती आ रही है, लेकिन कोविड-19 संकट के चलते इस बार यह समारोह शिमला राजीव भवन में मनाया गया है।
राठौर ने कहा कि तप और सच के साथ राजनीतिक जीवन सादगी से बिताने वाले डॉ. वाईएस परमार का भव्य स्मारक उनके पैतृक गांव में बनेगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल निर्माता वाईएस परमार से कार्यकर्ताओं को बहुत कुछ सीखने को मिला है और मिल सकता है। डॉ. वाईएस परमार को दशकों बाद भी जनता विजनरी नेता के रूप में मानती है। आज जो हिमाचल का जो स्वरूप देखने को मिल रहा है वह डॉ. वाईएस परमार की सोच का प्रमाण व परिणाम है।
कांग्रेस उपाध्यक्ष गंगूराम मुसाफिर ने कहा कि डॉ. परमार आधुनिक युग की सोच के युगपुरुष थे। उन्होंने कहा कि उनकी सादगी और उनका व्यक्तित्व हमारे लिए आज भी प्रेणना स्रोत है।कांग्रेस उपाध्यक्ष राजेंद्र राणा ने कहा कि समूचे प्रदेश व पहाड़ को नैसर्गिक तौर पर महफूज रखने के प्रयासों के प्रति डॉ. वाईएस परमार का प्रदेश ऋणी रहेगा। 1972 में राजस्व कानून में संशोधन कर गैर कृषकों को हिमाचल में बिना अनुमति जमीन खरीदने की पाबंदी के कारण यह प्रदेश अब तक महफूज है। 1971 में डॉ. परमार के प्रयासों के कारण प्रदेश को पूर्ण राज्य का दर्जा प्राप्त हुआ था। डॉ. परमार ने प्रदेश की पैरवी करते हुए पूर्ण राज्य का मामला तब केंद्र से उठाया व मनवाया न होता तो आज प्रदेश दिल्ली की तर्ज पर केंद्र शासित राज्य होता। राणा ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर के नेतृत्व में प्रदेश की जनता की पैरवी कोविड काल में जिस जोरदार तरीके से कांग्रेस ने की है उसके लिए हर कार्यकर्ता बधाई का पात्र है।
महिला कांग्रेस अध्यक्ष जैनब चंदेल ने कहा कि हिमाचल निर्माता डॉ. वाईएस परमार की जीवनी कांग्रेस के लिए धरोहर है। जिससे हर पल, हर नेता व हर कार्यकर्ता सीख सकता है। उन्होंने कहा कि डॉ. परमार वास्तव में जन नेता थे। डेनमार्क व चेकोस्लोवाकिया से दूध उत्पादन का अध्ययन करके डॉ. परमार ने जर्सी गायें पालने व डेयरी फार्म को अपनाने की मुहिम को बढ़ावा देकर किसानों को प्रेरित किया। डॉ. परमार हिमाचल को डेयरी प्रोडक्ट व कुटीर उद्योग से विकसित करने का लगातार प्रयास करते रहे। डॉ. परमार ईमानदार, स्वाभीमान व हिमाचल के विकास के प्रति प्रतिबद्धता के लिए सदैव याद किए जाएंगे। जैनब चंदेल ने कहा कि डॉ. परमार जब प्रदेश को पूर्ण राज्य का दर्जा दिला रहे थे तब बीजेपी के लोग स्टेट हुड मारो ठुड के नारे लगा रहे थे।
इस दौरान प्रदेश कांग्रेस महासचिव रजनीश किमटा, उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची,शिमला जिला ग्रामीण के अध्यक्ष यशवंत सिंह छाजटा, शहरी अध्यक्ष जितेंद्र चौधरी, प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी सदस्य हरीश जनारथा, सोनिया चौहान, सोशल मीडिया के अध्यक्ष अभिषेक राणा, सचिव राज कुमार नीटू, वेद प्रकाश ठाकुर, यशपाल तनाईक, बलदेव ठाकुर, सुरेंद्र मनकोटिया, आदर्श सूद, राम कृष्ण शांडिल, कृष्ण ठाकुर, सेनराम नेगी, एनएसयूआई के अध्यक्ष छत्र सिंह, वीरेंद्र बांष्टू, सेवा दल महासचिव गोपाल शर्मा, ऊषा मेहता, सुनीता ठाकुर, रूमा शर्मा, अंनत राम, कृष्ण ठाकुर, भपेंद्र कवंर, शक्त राम, सत्या चौहान, राजेश वर्मा, आकाश सैनी, मुकुल गुप्ता, महिला कांग्रेस से शांता राजटा, शशि ठाकुर, पुष्पा शोभटा, बृंदा सिंह, निर्मला ठाकुर व अन्य कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद थे।

