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शिमला। प्रदेश में अपनायी जा रही डिजिटलीकरण प्रणाली के कारण विकास और नीति कार्यान्वयन के मामलों में हर स्तर पर पारदर्शिता और सुशासन के लिए मार्ग प्रशस्त हुआ है। सरकार की नीतियों की जानकारी आमजन को सशक्त करती है जिससे सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में सुविधा होती है। जहां एक तरफ महामारी के कारण आर्थिक गतिविधियों पर विराम लग चुका है, वहीं राज्य सरकार ने फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं, संगठनों तथा आमजन की तत्काल जरूरतों को पूरा करने के हर संभव प्रयास किए हैं। स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और अन्य फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं को व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण प्रदान करने के साथ-साथ अन्य सभी उपयोगी वस्तुओं जैसे खाद्य वस्तुओं और दवाओं आदि की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए राजस्व विभाग के डिजास्टर मैनेजमेंट सेल द्वारा संचालित, एचपी एसडीएमए कोविड-19 स्टेट डिजास्टर रिस्पाॅंस फंड स्थापित किया गया है। राज्य के लोगों ने बढ़-चढ़कर और उदारतापूर्वक कोविड फंड में योगदान दिया है। राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष में 15 जुलाई, 2020 तक 81,92,62,087 रूपए प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 18,52,97,033 रुपए इस अवधि के दौरान विभिन्न जिलों और विभागों को जारी किए गए हैं। कुल 6,463 व्यक्तियों ने आनलाइन और 3,945 व्यक्तियों ने आफलाइन माध्यम से अंशदान दिया है। इसमें उद्योगपति, व्यापारी, संगठन, पंचायत, महिला मंडल, व्यक्ति और वे विद्यार्थी भी शामिल हैं, जिन्होंने इस महान कार्य के लिए अपना जेब खर्च का पैसा भी दे कोविड फंड में दान दिया।
एचपी एसडीएमए कोविड-19 स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फंड कोरोना महामारी से निपटनेे के लिए राज्य द्वारा किए जा रहे प्रयासों में योगदान देने का एक सुरक्षित एवं कारगर तरीका है और सरकार इस सार्वजनिक निधि के उपयोग के लिए पारदर्शिता सुनिश्चित कर रही है।कोविड फंड में अंशदान देने वालों में बाबा बालक नाथ ट्रस्ट, हमीरपुर प्रमुख योगदानकर्ता हैं, जिन्होंने 6 करोड़ रुपये का अंशदान दिया है। अन्य योगदानकर्ताओं में, राधा सोमी सत्संग, प्राॅक्टर एंड गैंबल होम प्रोडक्ट प्राइवेट लिमिटेड, मैन काइंड फार्मा लिमिटेड, पिडिलाइट इंडस्ट्रीज, हिमाचल प्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड, हिमाचल सड़क परिवहन निगम, हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड, हिमाचल प्रदेश वन विकास निगम और हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने एक-एक करोड़ का अंशदान किया है।कोरोना महामारी में व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण किट कोविड-19 के खिलाफ जंग लड़ रहे विभिन्न विभागों के फ्रंटलाइन वारियरर्स के लिए एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच है। इसके लिए हिमाचल प्रदेश पुलिस विभाग को दो करोड़ रूपए, नगर निगम शिमला को एक करोड़ रूपए, हिमाचल प्रदेश होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा को 40 लाख रूपए, निदेशक पशुपालन को 20 लाख रूपए और मुख्य अग्निशमन अधिकारी को पांच लाख दिए गए हैं। लाॅकडाउन के दौरान हजारों हिमाचल निवासी दिल्ली और चंडीगढ़ में फंसे हुए थे। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने इन व्यक्तियों के लिए ठहरने की व्यवस्था करने के लिए हिमाचल भवन चंडीगढ़ को 10 लाख रूपए और हिमाचल भवन दिल्ली को पांच लाख दिए हैं। 
देश के विभिन्न हिस्सों से फंसे हुए लोगों को बसों, ट्रेनों और हवाई माध्यम से घर वापिस लाने के लिए राज्य आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण ने विभिन्न सरकारी विभागों, एजेंसियों और व्यक्तियों को धनराशि प्रदान की। इसके लिए भारतीय रेलवे के विभिन्न जोन के लिए 47,67,280 रूपए, हिमाचल पथ परिवहन निगम को 5,02,05,345 रुपये और चेन्नई निगम के आयुक्त को 7,71,719 रूपए दिए गए हैं। तिरूवनंतपुरम से 31 व्यक्तियों को हिमाचल वापिस लाने का किराया भी प्रदेश सरकार द्वारा वहन किया गया है। होमगार्डों की तैनाती के लिए उपायुक्त कुल्लू को 10,27,000 रुपए, उपायुक्त चंबा को 23,40,000 रुपए,  उपायुक्त किन्नौर को 16,50,000 रुपए और पुलिस महानिदेशक को 4,61,80,800 प्रदान किया गया है। सैनिटाइजर, मास्क आदि की खरीद के लिए मंडलायुक्त शिमला को 25 हजार रुपए, सचिवालय प्रशासन विभाग के सचिव को पाँच लाख रुपए और नगर निगम आयुक्त, धर्मशाला को 20 लाख रुपए प्रदान किए गए हैं।लोगों को क्वारन्टीन केंद्र पहुंचाने और क्वारन्टीन अवधि के पूरा होने के बाद वापस घर पहुंचाने के लिए बस सेवा प्रदान करने के लिए उपायुक्त चंबा को 50 लाख रुपए प्रदान किए गए हैं। कोरोना रोगियों के दाह संस्कार के लिए उपायुक्त शिमला को पांच लाख रुपये दिए गए और कोरोना अवधि के दौरान आशा कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहन राशि प्रदान करने के लिए मिशन निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को 3,18,56,000 रुपये दिए गए हैं।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के विशेष सचिव, डीसी राणा के अनुसार 10 अप्रैल से 15 जुलाई तक, विभिन्न दानदाताओं से कोविड-19 राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष में कुल 81,92,62,087 रुपये प्राप्त हुए हैं। कुल राशि में से 79,72,00,824 रूपए आफलाइन और 2,20,61,263 रूपए की राशि आनलाइन माध्यम से प्राप्त हुई है। इसमें से विभिन्न जिलों, विभागों और संगठनों को 18,52,97,033 रूपए प्रदान किए गए हैं। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा कोविड निधि के प्रबंधन में उच्च स्तर की पारदर्शिता अपनाई जा रही है, जिसके परिणामस्वरूप लोग इस फंड में उदारतापूर्वक अंशदान दे रहे हैं।

By admin

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