शिमला। हिमाचल प्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस सरकार शिमला में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में देरी कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने इस प्रोजेक्ट को पूर्व भाजपा सरकार के समय स्वीकृत किया था। इस प्रोजेक्ट के तहत शिमला में अंग्रेजों के समय में बनी सडक़ें चौड़ी हुई, ढली में सुरंग का निर्माण हुआ, पार्क, रास्ते और पार्किंग के निर्माण के अलावा यातायात की समस्या से निजात पाने के लिए रोपवे प्रोजेक्ट मंजूर हुआ है। सुरेश भारद्वाज सोमवार को यहां पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे।
भारद्वाज ने आरोप लगाया कि नगर निगम चुनाव में हार को देखते हुए कांग्रेस गुंडागर्दी पर उतर आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व मेयर की गाड़ी में जबरन शराब की बोतलें रखी गई ताकि भाजपा को बदनाम किया जा सके। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि लोगों को अपने पक्ष में करने के लिए नगर निगम के माध्यम से नोटिस दिए जा रहे हैं तथा मंत्री व सीपीएस धमका रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि निगम की सत्ता पर काबिज होने के लिए सरकार ने रोस्टर बदलने के अलावा वार्ड संख्या को कम किया।
सुरेश भारद्वाज ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव के समय कांग्रेस की तरफ से दी गई 10 गारंटियां फेल हो गई हैं। इस कारण नगर निगम चुनाव में फिर से गारंटियां देने की हिम्मत नहीं हो पाई। उन्होंने कहा कि गारंटियों पर अमल नहीं होने से कर्मचारी एवं महिलाओं के अलावा आम आदमी खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं।
वरिष्ठ भाजपा नेता सुरेश भारद्वाज ने कहा जो लोग मुख्यमंत्री के पास किसी कार्य के लिए मिलने जाते हैं, वह उनको 4 वर्ष इंतजार करने की बात कहते हैं। ऐसे में प्रदेश में पहले से चल रहे विकास कार्यों पर विराम लग गया है, जिसका खामियाजा कांग्रेस को नगर निगम चुनाव में भुगतना पड़ेगा।
सुरेश भारद्वाज ने कहा कि मुख्यमंत्री ने विधानसभा में इस बात को माना है कि पूर्व सरकार ने शिमला का विकास कार्य करवाया। इसके लिए उन्होंने धन्यवाद भी किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने शिमला की जनता को बिना एनओसी के 19 हजार बिजली के कनेक्शन दिए।
भारद्वाज ने प्रदेश सरकार पर नगर निगम चुनाव में आदर्श चुनाव आचार संहिता उल्लंघन का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार हर तरह से जनता पर दबाव डालकर अपने पक्ष में मतदान करने को बाध्य कर रही है।
