शिमला। कांग्रेस विधायक विक्रमादित्य सिंह ने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाया है कि वह प्रदेश में डॉक्टरों के साथ बहुत बड़ा अन्याय कर रही है। कोरोना काल मे सबसे आगे महत्वपूर्ण योगदान देने वाले डॉक्टरों के वेतन में किसी भी प्रकार की कटौती करना इनके साथ बहुत बड़ा धोखा है।
विक्रमादित्य सिंह ने आज यहां जारी एक बयान में प्रदेश सरकार के उस फैसले की कड़ी आलोचना की है जिसमें उन्होंने कांट्रेक्ट पर लगे डॉक्टरों की ग्रेड पे पर कैंची चलाते हुए इनके वेतन में कमी कर दी है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय पूरी तरह से नए डॉक्टरों व जो अभी कॉन्ट्रेक्ट पर लगे हैं, उनके साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि पूर्व कांग्रेस सरकार ने प्रदेश में डॉक्टरों की कमी को देखते हुए इन्हें प्रदेश में अपनी सेवाएं देने के लिए ग्रेड पे देने का फैसला किया था जो वर्तमान सरकार ने रद्द कर दिया है।
विक्रमादित्य सिंह ने इस साल जनवरी से अनुबंध आधार पर लगे उन डॉक्टरों से इस ग्रेड पे की किसी भी प्रकार की रिकवरी पर भी कड़ा एतराज जताते हुए कहा कि इस प्रकार के निर्णय प्रदेश में लगे उन सभी डॉक्टरों के मनोबल को प्रभावित कर सकते हैं जो कॉन्ट्रैक्ट पर लगे हैं।
विक्रमादित्य सिंह ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने की बहुत आवश्यकता है। उनका कहना था कि प्रदेश में डॉक्टरों को प्रोत्साहित करने के लिए अनुबंध के दौरान इनके ग्रेड पे को पुनः बहाल किया जाना चाहिए। विक्रमादित्य सिंह ने स्वास्थ्य विभाग में अनुबंध आधार पर लगे उन सभी कर्मचारियों को भी स्थाई किया जाना चाहिए, जो अपना अनुबंध कार्यकाल पूरा कर चुके हैं।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि विभाग में पंद्रह सौ के करीब एसे स्वास्थ्य कर्मी अपनी सेवाएं दे रहे हैं जो अपना अनुबंध कार्यकाल पूरा कर चुके है। इसमें अधिकतर पैरा मेडिकल स्टाफ है जो लैब टेक्नीशियन से लेकर लैब असिस्टेंट, एक्सरे, डाटा ऑपरेटर कॉन्सलियर, एचआईवी, एचआईवी एड्स कंट्रोल सोसायटी, एनआरएचएम व आरएनटीसीपी के तहत लगे सभी कर्मचारी जो इन पदों पर पिछले कई सालों से अपनी नियमित सेवाएं दे रहें है, उन्हें पूर्व कांग्रेस सरकार के आदेश संख्या 18915-8119,2016 दिनांक 28 मार्च 2016 की उस अधिसूचना को लागू करना चाहिए, जिसमें साफ कहा गया है कि स्वास्थ्य विभाग में आरकेएस या सोसायटी के तहत लगें सभी स्वास्थ्य कर्मियों को जो 31 मार्च 2016 तक तीन वर्ष का अपना अनुबंध कार्यकाल पूरा कर चुके हैं, उन्हें आर एंड पी रूल के तहत वेतन दिया जाए और जो आठ साल का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं उन्हें नियमित पे स्केल दिया जाए।
