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शिमला। केंद्रीय विद्युत सचिव आलोक कुमार ने हिमाचल प्रदेश में एसजेवीएन के 412 मेगावाट की रामपुर जलविद्युत स्टेशन, 210 मेगावाट की लूहरी जलविद्युत परियोजना (स्टेज-1) तथा 382 मेगावाट की सुन्नी डैम जलविद्युत परियोजना का दौरा किया। नन्‍द लाल शर्मा, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एसजेवीएन दौरे के दौरान उनके साथ रहे।

आलोक कुमार ने कोयल में 66/22 केवी सब स्टेशन का उद्घाटन किया और लूहरी-1 एचईपी के विद्युत गृह, मेन डैम तथा फ्लड प्रोटेक्‍शन वॉल के कंक्रीटिंग संबंधी कार्यों का शुभारंभ किया। उन्होंने प्रमुख घटकों पर चल रही निर्माण गतिविधियों का निरीक्षण किया तथा परियोजना अधिकारियों तथा कॉन्‍ट्रेक्‍टरों को परियोजना शेड्यूल में महत्वपूर्ण माईलस्‍टोन को प्राप्‍त करने के उद्देश्‍य से योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने के निर्देश दिए।
नन्‍द लाल शर्मा, अध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एसजेवीएन ने केंद्रीय विद्युत सचिव को विभिन्न परियोजना घटकों पर हुई प्रगति के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जून, 2022 में नदी को सफलतापूर्वक डायवर्ट कर दिया गया था और कॉफर डैम तथा फ्लड प्रोटेक्‍शन वॉल के लिए खुदाई संबंधी संकार्य पहले ही पूरे किए जा चुके हैं। दाहिने किनारे पर डैम एवं पावर हाउस संबंधी टेलरेस चैनल पर खुदाई कार्य, स्ट्रिपिंग एंड स्लोप स्टेबलाइजेशन संबंधी संकार्य पूरे होने वाले है।आलोक कुमार ने 412 मेगावाट रामपुर एचपीएस और 382 मेगावाट सुन्नी डैम एचईपी का भी निरीक्षण किया। उन्होंने सुन्नी डैम एचईपी में चल रही निर्माण गतिविधियों की प्रगति का निरीक्षण किया तथा उन्हें रामपुर एचपीएस में प्रचालन एवं रखरखाव गतिविधियों संबंधी जानकारी दी गई। श्री आलोक कुमार ने निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया और वर्ष दर वर्ष हाइड्रो सेक्टर में विद्युत उत्पादन में बेंचमार्क स्थापित करने में एसजेवीनाइट्स के प्रयासों की सराहना की।

असजेवीएन 1912 मेगावाट क्षमता के दो पावर स्टेशनों का प्रचालन कर रहा है और सतलुज बेसिन पर 1624 मेगावाट की संचयी उत्पादन क्षमता वाली चार परियोजनाओं को क्रियान्वित कर रहा है। एसजेवीएन का कुल परियोजना पोर्टफोलियो 46,879 मेगावाट है और वर्ष 2040 तक 50,000 मेगावाट कंपनी बनने की ओर अग्रसर है।

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