प्रो. चंद्र कुमार ने कांगड़ा जिलावासियों को हिमाचल दिवस की बधाई देते हुए कहा कि आज का दिन हिमाचल के सभी लोगों के लिए ऐतिहासिक है। उन्होंने हिमाचल के गठन और उसके बाद की अनवरत विकास यात्रा में योगदान के लिए प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. यशवंत सिंह परमार समेत सभी विभूतियों के योगदान को स्मरण किया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में राजीव गांधी राजकीय मॉडल डे बोर्डिंग स्कूल जाएंगे। वहां बच्चों को अत्याधुनिक शिक्षा सुविधा उपलब्ध होगी। प्रदेश में 200 करोड़ रुपये की राजीव गांधी उच्च शिक्षा प्रोत्साहन योजना शुरू की जा रही है। इसमें गरीब बच्चों को इंजीनियरिंग, मेडिकल,एमबीए जैसे प्रोफेशनल कोर्स के एक प्रतिशत ब्याज दर ऋण प्रदान किया जाएगा।
प्रो. चंद्र कुमार ने कहा कि प्रदेश में एशियन विकास बैंक की सहायता से 1311 करोड़ रुपये की लागत से पर्यटन विकास योजना शुरू की जा रही है। इससे प्रदेश में पर्यटन को नए पंख लगेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कांगड़ा जिले को पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित करने की घोषणा की है। कांगड़ा में जू पार्क, गोल्फ कोर्स जैसी पर्यटन सुविधाएं विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
कृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार हिमाचल को ग्रीन स्टेट के तौर पर विकसित करने को लेकर काम कर रही है। हिमाचल ग्रीन तकनीकी को बढ़ावा देने में देशभर में अग्रणी है। सरकार ने प्राइवेट ऑपरेटर्स को इलेक्ट्रिक्स बस, इलेक्ट्रिक्स ट्रक, इलेक्ट्रिक्स टैक्सी, ई गुड्स कैरियर्स लेने पर 50 प्रतिशत की दर से अधिकतम 50 लाख रुपये उपदान का प्रावधान किया है।
प्रो. चंद्र कुमार ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सुखाश्रय विधेयक पारित होने के बाद राज्य के 6,000 निराश्रित बच्चों को अब चिल्ड्रन ऑफ स्टेट का दर्जा मिला है। मुख्यमंत्री श्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की संवेदनशीलता के चलते हिमाचल प्रदेश इस तरह का कानून बनाने वाला पहला राज्य है। उन्होंने कहा कि सरकार 27 वर्ष की आयु तक के निराश्रित बच्चों के माता-पिता की भूमिका में रहकर उनकी पढ़ाई का सारा खर्च उठाएगी और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के बाद मकान बनाने के लिए 3 बिस्वा जमीन भी उपलब्ध करवाएगी।
कृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार अपने संसाधन बढ़ाने पर जोर दे रही है। फिजूलखर्ची कम की गई है। टोल बैरियर, आबकारी ठेकों की नीलामी की प्रक्रिया में परिवर्तन से सरकार की आय में वृद्धि हुई है।
प्रो. चंद्र कुमार नेे विकास योजनाओं के कार्यान्वयन में पर्यावरण का ध्यान रखने को कहा। क्षेत्र विशेष की पारिस्थितिकी और भौगोलिक स्थिति के अनुरूप योजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारी समझने की नसीहत देते हुए यह ध्यान रखने को कहा कि विकास गतिविधियां कंक्रीट के जंगल बनाने वाली न हों, बल्कि पर्यावरण हितैषी हों।
कृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए वचनबद्ध है। सरकारी विभागों में खाली पदों को भरने के साथ ही प्राइवेट क्षेत्र में भी रोजगार के अवसर पैदा करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार 1 साल में 1 लाख रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए प्रयासरत है।
समारोह में मुख्य संसदीय सचिव आशीष बुटेल एवं किशोरी लाल, विधायक केवल सिंह पठानिया तथा मलेंद्र राजन, पूर्व मंत्री विप्लव ठाकुर, पूर्व सीपीएस जगजीवन पाल, कांग्रेस कोषाध्यक्ष राजेश शर्मा, डीआईजी अभिषेक दुल्लर, उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल, पुलिस अधीक्षक शालिनी अग्निहोत्री, निर्वासित तिब्बत सरकार के प्रतिनिधि, सेना के अधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
