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शिमला। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय विधि विभाग इकाई द्वारा विधि विभाग सेमिनार हॉल में लेक्चर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में अंकुश दास सूद (वरिष्ठ अधिवक्ता एवं चेयरमैन हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन) मौजूद रहे।
इस कार्यक्रम में मौजूद छात्रों को सम्बोधित करते हुए अंकुश सूद ने कहा कि युवा इस देश का भविष्य हैं। आपको राष्ट्र निर्माण में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है। कानूनी बिरादरी के सदस्य होने के नाते आप राष्ट्र और समाज के प्रति कर्तव्य निभाते हैं। यदि आप अतीत में देखें, तो कानूनी बिरादरी के दिग्गजों ने राष्ट्र निर्माण में योगदान दिया है, जिनमें महात्मा गांधी जी, सरदार वल्लभ भाई पटेल, डॉ. बीआर अंबेडकर और अन्य लोग शामिल हैं। आपको गर्व और विशेषाधिकार महसूस करना चाहिए कि आप कानूनी बिरादरी का हिस्सा होंगे।” उन्होंने छात्रों को यह भी सलाह दी कि वे जीवन का डटकर सामना करें और जीवन में चुनौतियों और असफलताओं से न डरें। उन्होंने छात्रों को सलाह देते हुए कहा कि किसी को अदालत में किसी मामले पर बहस करने के लिए तभी उपस्थित होना चाहिए जब उसने तथ्यों और कानून दोनों पर मामले को पूरी तरह से तैयार किया हो। वकालत में प्रस्तुति/पेशकश के महत्व की ओर इशारा करते हुए, उन्होंने कहा कि, ”अदालत में जो महत्वपूर्ण है वह प्रस्तुति है। आप अपने मामले को अदालत के सामने कैसे पेश करते हैं यह बहुत महत्वपूर्ण है।”
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि वकीलों को हमेशा अपने मामले में विनम्रता के साथ बहस करनी चाहिए। इस कम आंकी जाने वाली विशेषता पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा, ”आखिरकार जो महत्वपूर्ण है वह अपने मामले को विनम्रता के साथ पेश करना है।”उन्होंने जोर देकर कहा कि एक सफल वकील बनने के लिए चार पी आवश्यक हैं उन्हें एक सफल वकील बनने के लिए कुछ बुनियादी आवश्यकताओं को सीखना चाहिए। एक केस में अदालत में पेश होने के दौरान 4 पी महत्वपूर्ण होते हैं- 1) तैयारी 2) पूर्णता 3) प्रस्तुति 4) विनम्रता। उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि वे अपनी नैतिकता से कभी समझौता न करें और हमेशा ईमानदारी और सत्यनिष्ठा से भरा जीवन जीएं।

By admin

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