शिमला। हिमाचल कांग्रेस में सब ठीक नहीं है। पार्टी के नेता एक-दूसरे के खिलाफ जिस तरह से बयान दाग रहे हैं, उससे तो ऐसा ही लगता है। पार्टी के भीतर चल रही अंतर्कलह से पार्टी की छवि को हो रहे नुकसान पर अब पार्टी हाईकमान ने कड़ा संज्ञान लिया है। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने पार्टी की गतिविधियों और उनके मीडिया में आने का पार्टी ने कड़ा नोटिस लिया है। कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल सारी स्थिति को खुद देख रही है। उन्होंने प्रदेश के सभी नेताओं को निर्देश दिए कि वे पार्टी के मामलों को लेकर मीडिया में न जाएं।
रजनी पाटिल ने निर्देश दिए कि कोई भी पार्टी नेता अपनी बात मीडिया के माध्यम से नहीं रखेगा और इस पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाती है। उन्होंने कहा कि बीते कुछ अरसा से पार्टी नेता मीडिया के माध्यम से आरोप प्रत्यारोप लगा रहे हैं। इसे क़तई बर्दाश्त नही किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के लिए अनुशासन सर्वोपरि है। सभी नेता निर्धारित लक्ष्मण रेखा के अंदर रहे और भाजपा के ख़िलाफ़ लड़ाई लड़ें। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हाईकमान स्थिति पर नज़र बनाए हुए है और पार्टी में धड़ेबंदी के लिए कोई जगह नहीं है। पाटिल ने कहा कि उनका प्रयास हमेशा जोड़ने का रहा है और इस नीति पर ही काम होगा।
रजनी पाटिल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की भाजपा सरकार पूरी तरह नाकाम हो गई है और लोगों का सरकार से मोह भंग हो चुका है। ख़ास तौर पर कोरोना काल में सरकार जनता की मदद करने में विफल हो गई है। उन्होंने कहा कि लोगों को सस्ता राशन व बिजली देने के अधिकार छीने गए हैं। लोगों के ख़िलाफ़ मुक़दमे दर्ज हो रहे हैं। यहां तक कि कबायली इलाक़े की महिलाएं भी नहीं बख्शी गई हैं। उनका कहना था कि कांग्रेस के नेताओं का प्रयास सरकार के ख़िलाफ़ ऐसी लड़ाई लड़ने का रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार चुनावी वायदे पूरे नहीं कर पाई है। पाटिल ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग बने नहीं, इन्वेस्टर मीट काग़ज़ी है और क़र्ज़ा बढ़ रहा है। इसलिए सब नेता अपनी ऊर्जा भाजपा के कुशासन के ख़िलाफ़ इस्तेमाल करें और बाक़ी सब पार्टी हाईकमान पर छोड़ दें।
