शिमला। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व विधायक रोहित ठाकुर ने कहा है कि प्रदेश में लंपी वायरस के दिन-प्रतिदिन बढ़ते मामले और इससे हो रही पशुधन की क्षति बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि लंपी वायरस ने प्रदेश में चार महीने पहले दस्तक दी और इससे प्रदेश में 3404 पशुओं की मौत हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की भाजपा सरकार का सारा ध्यान चुनाव प्रचार पर केंद्रित हैं और जनहित के मुद्दों को अनदेखा किया जा रहा है।
रोहित ठाकुर ने कहा कि जिला शिमला में भी लंपी वायरस का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। जिले के चौपाल, शिमला ग्रामीण और कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र में पहले ही लंपी वायरस के मामलें आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के आंकड़ों से अधिक पशुधन की क्षति हुई हैं। उन्होंने कहा कि लंपी वायरस एक विषाणु जनित रोग है जोकि संक्रमित पशु के संपर्क में आने व मक्खी अथवा मच्छर के संक्रमित पशु को काटने के बाद स्वस्थ पशु को काटने से फैलता है। उन्होंने कहा कि लंपी वायरस से लगातार हो रही पशुओं की मौतों को देखते हुए महामारी घोषित करने के लिए प्रदेश सरकार केंद्र पर दबाव बनाएं।
रोहित ठाकुर ने कहा कि हालांकि अभी तक लंपी वायरस से निपटने के लिए टीके की खोज नहीं हो सकी है, लेक़िन पशुपालन विभाग के पास उपलब्ध वैक्सीन इसे रोकने में कारगर साबित हुई है। उन्होंने कहा कि लंपी वायरस तेज़ी से फ़ैल रहा है। इससे मवेशियों को बचाने के लिए पशुपालन विभाग समय रहते उपलब्ध वैक्सीन से ही टीकाकरण अभियान चलाए। ठाकुर ने कहा कि सरकार आवारा पशुओं और घुमंतू गुज्जरों के पशुओं को भी टीकाकरण में शामिल करें। उन्होंने कहा कि एक ओर लंपी वायरस से पशुपालकों में भय है, वहीं प्रदेश सरकार इससे निपटने के लिए जिला शिमला को नाम मात्र 2 लाख की राशि ज़ारी की है।
रोहित ठाकुर ने कहा कि यह राशि लंपी वायरस से निपटने के लिए नाकाफ़ी है। इसमें समुचित वृद्धि होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लंपी वायरस से पशुधन की क्षति होने पर पशु पालकों को मुआवज़ा मिल सकें इसके लिए सरकार राहत नियमावली में संशोधन करें और एसडीआरएफ में लंपी वायरस को शामिल करने बारे में मामला केंद्र से उठाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पशुपालन विभाग में चिकित्सा अधिकारी व अन्य अधिकतर कार्यमूलक पद रिक्त चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि जुब्बल-नावर-कोटखाई विधानसभा क्षेत्र की बात करें तो वहां चिकित्साधिकारी के कुल स्वीकृत पदों में 50 प्रतिशत, वैटीनेरी फार्मासिस्ट के 10 पद और पशुपालन परिचारक के 42 पद रिक्त हैं। ठाकुर ने सरकार से प्रदेश में पशुपालन विभाग में रिक्त पड़े पदों को भरने व लंपी वायरस को रोकने के लिए पशुपालन विभाग के पास उपलब्ध टीकों से ही पशुओं का टीकाकरण करने की मांग की है।
