हमीरपुर। जिला प्रशासन हमीरपुर द्वारा एनआईटी हमीरपुर के सहयोग से ऑक्सीजन सिलेंडर के परिवहन के लिए ट्रॉली का बैटरी से चलने वाला बेहतर संस्करण बना कर तैयार किया है। इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा वित्तिय सहायता प्रदान की गई है। उपायुक्त हमीरपुर देब्श्वेता बनिक ने शनिवार को संस्थान में इस इलेक्ट्रिक ट्रॉली के सिद्धांत तथा संचालन विधि का जायजा लिया।
उपायुक्त ने बताया कि अकसर अस्पतालों में यह देखने में आता है कि ऑक्सीजन सिलेंडर को मरीजों तक लाने ले जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इस समस्या से निजात पाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा एनआईटी को आइडिया दिया गया था कि ऐसी ट्राली विकसित की जाए, जिससे ऑक्सीजन सिलेंडर को मरीजों तक लाने ले जाने में सुविधा मिल सके। उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट को इंडस्ट्री विभाग द्वारा सीएम स्टार्टअप योजना के अंतर्गत लिया जा चुका है। उपायुक्त ने ट्रॉली का निर्माण करने के लिए एनआईटी के छात्रों की प्रशंसा की।
वहीं, एनआईटी के छात्र रजत ने बताया कि जिला प्रशासन के सहयोग से आईओ2 ट्रॉली को बनाना सम्भव हो पाया है। यह ट्रॉली एक घंटे में 7 कि.मी. तक का सफर तय कर सकती है तथा कोई भी इसे आसानी से चला सकता है।
वहीं, एनआईटी के छात्र रजत ने बताया कि जिला प्रशासन के सहयोग से आईओ2 ट्रॉली को बनाना सम्भव हो पाया है। यह ट्रॉली एक घंटे में 7 कि.मी. तक का सफर तय कर सकती है तथा कोई भी इसे आसानी से चला सकता है।
