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शिमला। उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने कहा है कि महिलाओं के कार्यस्थल, मानसिक एवं आर्थिक शोषण के बचाव के लिए विभिन्न कानूनों का प्रावधान है तथा निर्धन एवं उपेक्षित वर्ग को इस संदर्भ में जागरूक करवाना समाज का दायित्व है। वे बुधवार को यहां अपने कार्यालय कक्ष में जिला टास्क फोर्स महिला एवं बाल विकास विभाग के घटक सखी वन स्टाॅप सेंटर की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
नेगी ने उपस्थित पैरालिगल कानूनी सलाहकार एवं परामर्श दाता से आह्वान किया कि वे महिलाओं के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाएं और समय-समय पर जागरूकता शिविरों के माध्यम से ग्रामीण लोगों को महिला उत्पीड़न के प्रति संवेदीकरण रवैया अपना चाहिए, ताकि महिलाओं के सशक्त होने से स्वस्थ समाज का निर्माण संभव हो सके। उपायुक्त ने पीड़ित महिलाओं के संबल के लिए मनोसामाजिक समर्थन पर बल दिया, ताकि केन्द्र एवं वर्तमान राज्य सरकार की समावेशी एवं कल्याणकारी योजनाओं का लाभ टारगेट ग्रुप को मिल सके तथा सामाजिक-आर्थिक विकास में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
जिला कार्यक्रम अधिकारी ममता पाॅल ने बैठक में विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की तथा पैरालिगल स्टाफ से सीधा संवाद स्थापित किया और उन्हें आ रही समस्याओं से उपायुक्त को अवगत करवाया। इस अवसर पर उप पुलिस अधीक्षक शहरी मंगत राम ठाकुर, जिला ऑडिट अधिकारी यशपाल शर्मा एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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