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शिमला। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां राज्य में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों की सुविधा के लिए ऑनलाइन स्वयं प्रमाणन (सेल्फ सर्टिफिकेशन) सुविधा आरंभ की। राज्य सरकार की इस पहल के द्वारा व्यापार करने में आसानी (इज ऑफ डूइंग बिजनेस) के तहत प्रक्रियाओं के सरलीकरण के साथ ही उद्यमियों को राहत मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्यमियों को अपने उद्यम की स्थापना से पहले संबंधित विभागों से सभी आवश्यक मंजूरी लेनी पड़ती थी, जिसके परिणामस्वरूप आमतौर पर परियोजना लागत में अनावश्यक वृद्धि और समय की बर्बादी होती थी। उन्होंने कहा कि यह ऑनलाइन प्रमाणन सुविधा न केवल उद्यमियों को कठिन प्रक्रियाओं से बचाएगी, बल्कि उद्यमों को शीघ्र स्थापित करने में भी मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस ऑनलाइन स्वयं प्रमाणन पोर्टल सेवा आरंभ होने के बाद उद्यमी पोर्टल पर इलैक्ट्राॅनिक रूप से नोडल ऐजेंसी के समक्ष आशय कथन (डैक्लेरेशन ऑफ इन्टेन्ट) प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने कहा कि नोडल ऐजेंसी सात दिनों के भीतर उद्यमियों को इलैक्ट्राॅनिक प्रारूप में पावती प्रमाण पत्र प्रदान करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सुविधा के आरम्भ होने के बाद, उद्यम के कार्य शुरू होने तक (जो भी पहले हो) के तीन वर्ष की अवधि तक विभिन्न कानूनों जैसे हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम-1994, हिमाचल प्रदेश नगर निगम अधिनियम-1994, हिमाचल प्रदेश अग्निशमन सेवा अधिनियम-1984, हिमाचल प्रदेश रोड साइड लैंड कंट्रोल ऐक्ट-1968, हिमाचल प्रदेश दुकानें एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठान अधिनियम-1969, हिमाचल प्रदेश सोसाइटी पंजीकरण अधिनियम-2006 और हिमाचल प्रदेश शहर और नगर नियोजन के तहत किसी भी प्रकार का निरीक्षण नहीं किया जाएगा, और न ही संबंधित विभाग से कोई मंजूरी मांगी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों द्वारा स्वयं प्रमाणन के लिए 6 नवम्बर 2019 को एक अध्यादेश लाया था, जिसे विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान पारित किया गया था तथा इसे 18 जनवरी, 2020 को अधिसूचित किया गया था। इस कानून के तहत 11 जून, 2020 को नियम बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में 1 जुलाई, 2020 से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों की नई परिभाषा लागू होगी। अब 50 करोड़ रुपये के निवेश से स्थापित इकाइयां और मशीनरी सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों की श्रेणी में आएंगें। उन्होंने कहा कि राज्य में लगभग 99.5 प्रतिशत उद्योग इस श्रेणी में आते हैं, इसलिए आनलाइन स्वयं प्रमाणन की सुविधा मिलने से उद्योगपतियों को सहायता मिलेगी।
जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार ने गत वर्ष 7 और 8 नवम्बर को इन्वेस्टर्ज मीट का आयोजन किया था, जिसका शुभांरभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। उन्होंने कहा कि हजारों निवेशकों ने प्रदेश में अपनी इकाइयां स्थापित करने में रूचि दिखाई है।
उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर ने व्यापार में सुगमता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार की विभिन्न पहलों के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग राम सुभग सिंह ने कहा कि हिमाचल प्रदेश राजस्थान के बाद ऐसा दूसरा प्रदेश है, जिसमें निवेशकों की सुविधा के लिए स्वयं प्रमाणन का अध्यादेश लाया गया है।
निदेशक उद्योग हंस राज शर्मा ने ऑनलाइन पोर्टल के प्रमुख बिंदुओं पर प्रस्तुति दी। मुख्य सचिव अनिल खाची, मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव डाॅ आर.एन. बत्ता, विशेष सचिव उद्योग आबिद हुसैन सादिक इस अवसर पर उपस्थित थे। 

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