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शिमला। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने ऐलान किया है कि पार्टी के सत्ता में आने के पहले ही दिन राज्य के कर्मचारियों के लिए ओल्ड पेंशन स्कीम (ओपीएस) को बहाल किया जाएगा। यह कांग्रेस का‌ नीतिगत फैसला है कि राज्य में ओपीएस को लागू किया जाएगा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने सोमवार को यहां प्रेस कांफ्रेंस में यह बात कही।
प्रतिभा सिंह ने कहा है कि विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी का घोषणा पत्र तैयार करने का काम शुरू कर दिया है। उन्होंने ऐलान किया कि चुनाव घोषणा पत्र कांग्रेस का नीतिगत दस्तावेज होगा और कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद इसे अक्षरश: लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने घोषणा पत्र का प्रारूप बदला है। इसे विजन डॉक्यूमेंट का नाम दिया गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का घोषणा पत्र जनता तैयार करेगी। इसके लिए पार्टी ने निर्णय लिया है कि हर विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस ग्रुप डिस्कशन करवाएगी। इसमें युवा, बेरोजगार, छात्र, महिलाएं, वरिष्ठ नागरिक, किसान, बागवान, मनरेगा मजदूर, कर्मचारी, पूर्व सैनिकों की क्या मांगें हैं। ऐसे 35 अलग-अलग क्षेत्र चिन्हित किए गए हैं, जिन से चर्चा की जाएगी।
उधर, नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि पार्टी का चुनाव घोषणा पत्र प्रदेश की जनता का दस्तावेज होगा और जो दस्तवेज तैयार होगा उसे अक्षरश: लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार बनने के पहले ही दिन ओपीएस पर फैसला लिया जाएगा, क्योंकि राजस्थान, छत्तीसगढ़ व झारखंड में भी उनकी सरकार ने इसे लागू कर दिया है। उन्होंने कहा कि 2003 में तत्कालीन वाजपेयी सरकार ने ओल्ड पेंशन स्कीम की जगह न्यू पेंशन स्कीम लागू करने फैसला किया था और सभी राज्यों को इसे लागू करने के निर्देश दिए थे। वहीं, एक‌ सवाल के जवाब में अग्निहोत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री का कैंडिडेट कौन होगा, यह बाद की बात है। उन्होंने साफ कहा कि पहले सत्ता में आना है, उसके बाद लीडरशिप पर बात होगी।
इस बीच, कांग्रेस प्रचार कमेटी के अध्यक्ष सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि उनका ध्येय कांग्रेस की सरकार बनाना है। सरकार बदलेंगे हालात बदलेंगे, इसी नारे के साथ पार्टी आगे बढ़ रहे है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की टास्क फोर्स में भी ओपीएस पर चर्चा की गई और राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस ने ओपीएस को लागू करने का निर्णय लिया है। घोषणा पत्र कमेटी के अध्यक्ष डा.कर्नल धनी राम शांडिल ने कहा कि घोषणा पत्र पूरी तरह से जनता की राय पर बनेगा। उन्होंने कहा कि पार्टी के पदाधिकारी लोगों के बीच जाकर उनकी राय लेंगे और उसकी छंटनी की जाएगी। इसे फिर कांग्रेस पार्टी की सलेक्ट कमेटी को भेजा जाएगा। सलेक्ट कमेटी यह तय करेगी कि कौन-कौन से मुद्दे घोषणा पत्र में शामिल किए जाएं। पार्टी ने यह पहले ही तय किया है कि घोषणा केवल वही की जाएगी, जिसे लागू किया जा सकेगा।
कांग्रेस के सभी दिग्गज एकजुट होकर पहुंचे कांफ्रेंस में
प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में सोमवार को पार्टी के सभी दिग्गज नेता एक मंच पर आए। इस दौरान उन्होंने अपने चुनाव घोषणा पत्र को लेकर कई ऐलान किए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह, नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री, चुनाव प्रचार कमेटी के अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू, चुनाव घोषणा पत्र कमेटी के अध्यक्ष कर्नल धनीराम शांडिल व चुनाव प्रबंधन समिति के चेयरमैन राम लाल ठाकुर शामिल रहे। वहीं एआईसीसी सचिव व सह प्रभारी संजय दत्त, पूर्व मंत्री व राष्ट्रीय सचिव सुधीर शर्मा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुलदीप राठौर समेत कई विधायक मौजूद थे।
एक हफ्ते में जारी होगा टोल फ्री नंबर – पठानिया
घोषणा पत्र समिति के सदस्य भवानी सिंह पठानिया ने बताया कि घोषणा पत्र के लिए पहले चरण में 35 क्षेत्र चिन्हित किए गए हैं, यह अभी बढ़ भी सकते हैं। उन्होंने कहा कि हरेक विधानसभा क्षेत्र में जाकर अलग-अलग वर्गों से चर्चा की जाएगी। कांग्रेस घोषणा पत्र में लोगों के सुझाव लेने के लिए टोल फ्री नंबर भी जारी करेगी। एक सप्ताह के भीतर यह नंबर जारी कर दिया जाएगा। इसके अलावा ई-मेल भी जारी की जाएगी। लोग ई मेल, टोल फ्री नंबर या फिर कांग्रेस मुख्यालय, कांग्रेस पदाधिकारियों को भी अपने सुझाव भेज सकते हैं।
पठानिया ने कहा कि प्रदेश में सीमित संसाधन है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सत्ता में आने के बाद फिजूलखर्ची पर पूर्णत: रोक लगाएगी। उन्होंने कहा कि जहां पर जरूरी हुआ, वहीं पर चेयरमैन की नियुक्ति की जाएगी। उन्होंने कहा कि संसाधनों को जुटाया जाएगा, ताकि विकास कार्यों के लिए बजट की कमी आड़े न आए।

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