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नाहन। प्रदेश सरकार जिला सिरमौर में विकास कार्यों को गति देने के लिए हर सम्भव प्रयास कर रही है। यह जानकारी मुख्य सचेतक नरेन्द्र बरागटा ने आज उपायुक्त कार्यालय के बचत भवन में आयोजित जिला प्रशासन द्वारा कोविड-19 के संक्रमण को रोकने के लिए किए गए प्रबन्धों, आर्थिक गतिविधियों को बहाल करने, विभिन्न विकासात्मक योजनाओं व मुख्यमंत्री के आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज के कार्यान्वयन समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी।
बरागटा ने बताया कि जिला सिरमौर में वित वर्ष 2001 से मार्च 2020 तक विभिन्न विकासात्मक कार्यों के लिए सरकार द्वारा 4514.39 करोड़ की मंजूरी दी गई थी जिसमें अब 4206 करोड रूपये खर्च किए गए है और 308.39 करोड़ शेष राशि को शीघ्र ही विकासात्मक कार्यों में व्यय करने के निर्देश जारी कर दिए है, ताकि सिरमौर का विकास न रूक सके। उन्होंने बताया कि जिला सिरमौर में लॉकडाउन के दौरान मनरेगा के तहत 7 हजार 927 परिवारों को रोज़गार उपलब्ध करवाया गया है, जिसके तहत 15 करोड़ रूपये से अधिक की राशि व्यय की गई है।
नरेंद्र बरागटा ने कहा कि जिला में मनरेगा के तहत प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन के तहत सभी विकास खण्डों में 2017 से लेकर अब तक 3243 कार्य वितरित किए गए, जिसमें नाहन विकास खण्ड में पानी व मृद्वा सरक्षण, सिंचाई संबंधी कार्य, जमीन संबंधी व पोन्ड निर्माण में 632 कार्य पच्छाद विकास खण्ड में 689 कार्य पांवटा साहिब विकास खण्ड में 383 कार्य राजगढ़ में 556 कार्य, संगडाह में 314, शिलाई विकास खण्ड में 669 कार्य में 131 कार्य सिंचाई संबंधी कार्य किए गए। उन्होंने बताया कि जिला सिरमौर में अब सीमेन्ट की कमी होने के कारण मनरेगा के कार्य नहीं रूकेगे, इसकेे लिए सीसीआई राजबन से सीमेन्ट की  उपलब्धता के लिए अनुबंध किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत वर्ष 2017-18 से अब तक जिला सिरमौर में 1324 आवास स्वीकृत करने थे, जिसमें अब तक 645 आवास स्वीकृत किए गए है जिसमें लगभग 19 करोड़ रूपये से अधिक की राशि व्यय कि गई है। 
बैठक में बरागटा ने सरकार द्वारा 2022 तक जिला सिरमौर को प्रधानमंत्री आवास योजना के अतंर्गत दिए गए लक्ष्यों को तेजी से पूरा करने और उपायुक्त को इन कार्यों का विश्लेषण करने तथा कार्योे में तेजी लाने के लिए अलग से बैठकों का आयोजन करने और उन बैठकों में सभी विधायकों को शामिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि जिला सिरमौर में अब तक 95 प्रतिशत कोविड-19 के पॉजिटीव केसों का पता लगाया गया है और प्रशासन के प्रयास से जिला सिरमौर में कोरोना से एक भी व्यक्ति की मृत्यु नहीं हुई है इसके अतिरिक्त जिला में कोरोना टेस्टीग लैब की स्थापना की गई और जिला में हिमाचल का पहला आयुष समर्पित कोविड केयर अस्पताल का कार्य भी प्रगति पर है। 
बरागटा ने बताया कि सिरमौर हिमाचल का पहला ऐसा जिला है जहां कोविड-19 से लड़ने के लिए लोगों में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए आयूष किट व चमनप्राश को लॉन्च किया। इसके अतिरिक्त जिला में लॉकडाउन के दौरान लोगों को आवश्यक वस्तुओं की सुविधा प्रदान करने के लिए फूड हेल्पलाइन नम्बर, मेडिसन हेल्पलाइन नम्बर, प्रवासी मजदूरों के लिए हेल्पलाईन नम्बर, पशु पालकों को सुविधा के लिए हेल्पलाइन नम्बर, किसान हेल्पलाईन नम्बर जारी किए है। जिला सिरमौर में  सेल्यून, बार्बर, ब्यूटी पार्लर और जीम संचालकों को प्रशिक्षण देकर एसओपीज जारी किए गए।
बैठक के बाद आयोजित प्रैस वार्ता में बरागटा ने कोरोना महामारी में कोरोना वारियर्स को उनके योगदान के लिए सराहा और मीडिया को लॉकडाउन के दौरान लोगों को कोरोना से बचने और सावधानी बरतने के बारे में जागरूक करने के लिए आभार व्यक्त किया।

By admin

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