शिमला। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कहा है कि प्रदेश में कांग्रेस की एकजुटता देख मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर बौखला गए हैं। बौखलाहट में मुख्यमंत्री प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के खिलाफ अनाप-शनाप बयानबाज़ी कर अपने दिल को तसल्ली देने का असफल प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा है कि जो नेता अपने साढ़े चार साल तक सिर्फ़ हवा में ही उड़ा हो और जिसकी सरकार केंद्र के भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के रिमोट से चली हो, उससे ऐसी ही उम्मीद की जा सकती है।
प्रदेश कांग्रेस कार्यकारी अध्यक्ष हर्ष महाजन, उपाध्यक्ष नंद लाल, महासचिव मोहन लाल ब्राक्टा और अतुल शर्मा ने एक सयुंक्त बयान में मुख्यमंत्री को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि इन दिनों वह बहुत ही मानसिक दवाब से गुजर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में चार उप चुनावों में मिली करारी हार के बाद वह अब विधानसभा चुनावों में जीत के ख्यालीपुलाव पकाने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने कभी भी जनता के दुःख दर्द को जानने की कोशिश नहीं की। यही वजह है की कांग्रेस ने चारों उपचुनाव जीतकर जयराम ठाकुर को उनकी सियासी ज़मीन दिखाई है।
इन कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष प्रतिभा सिंह पर जयराम ठाकुर की टिप्पणियां उनके पद के विपरीत है। लेकिन शायद यह इनकी पार्टी की हाई रिवायत है। पहले भी उपचुनाव में इनके पूर्व अध्यक्ष सतपाल सत्ती ने प्रतिभा सिंह के ख़िलाफ़ अभद्र टिप्पणी कर सुर्खियां बटोरने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में संगठन की मजबूरी देख मुख्यमंत्री को अपनी कुर्सी जाती हुई दिख रही है। इसलिए वह भयभीत होकर कांग्रेस अध्यक्ष सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बारे ऊल-जुलूल बातें कर रहे हैं।
इन कांग्रेस नेताओं ने कहा कि आज बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी से आमजन परेशान है। इसके खिलाफ रोज़ाना लोग सड़कों पर उतर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जयराम ठाकुर के अकुशल वित्त प्रबंधन से आज राज्य पर 70 हज़ार करोड़ रुपए का क़र्ज़ चुका है। उधर, राज्य में भर्ती, खनन, शराब, ट्रांसफ़र, वन माफिया दनदना रहा है। कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री से कांग्रेस अध्यक्ष के खिलाफ की गई टिप्पणियों पर सार्वजनिक तौर पर माफी मांगने को कहा है।
