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शिमला। उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने मनरेगा कार्यों द्वारा पंचायतों में आधारभूत ढांचा तैयार करने का आह्वान किया है। उन्होंने खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे मनरेगा कार्यों का श्रमिकों को भुगतान सुनिश्चित करें, ताकि मानवीय सरोकारों को संबल मिल सके। वे यहां जिला के समस्त खण्ड विकास अधिकारियों की मासिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
डीसी ने अपने संबोधन में 15वें वित्त आयोग में पारित शैल्फों पर विस्तृत चर्चा की और वर्तमान राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण विकास को सर्वोच्च अधिमान देने पर अधिकारियों को अवगत करवाया। उन्होंने पर्यावरण के संदर्भ में पंचायतों द्वारा ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन के महत्व पर प्रकाश डाला तथा सामुदायिक शौचालयों के निर्माण कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के आदेश दिए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता का अलख जगाया जा सके। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन के लक्ष्यों को धरातल पर उतारने के लिए खण्ड विकास अधिकारियों की भूमिका पर प्रकाश डाला।
आदित्य नेगी ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत महिला स्वयं सहायता समूहों के गठन पर बल दिया, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की आर्थिकी को बल मिल सके तथा वर्तमान राज्य सरकार के समावेशी विकास के लक्ष्यों की पूर्ति सम्भव हो सके। उन्होंने महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों के लिए विपणन केन्द्र मशोबरा, रामपुर व नारकंडा में शीघ्र स्थापित करने की सूचना दी, जिससे ग्रामीण महिलाओं को उपयुक्त बाजार उपलब्ध हो सके। उपायुक्त ने खण्ड स्तर पर विकासात्मक कार्यों को गति प्रदान करने के लिए शीघ्र रिक्त पड़े पंचायत सचिवों एवं तकनीकी सहायकों के पदों को शीघ्र भरने का आश्वासन दिया।
अतिरिक्त उपायुक्त शिवम प्रताप सिंह ने मासिक बैठक का संचालन किया और बताया कि वर्तमान राज्य सरकार द्वारा जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के कार्यों को अधिमान दिया जा रहा है। इस अवसर पर जिला पंचायत अधिकारी विजय ब्रागटा तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित थे।

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