शिमला। शहरी विकास, आवास व नगर नियोजन मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा है कि हम समर्पित भाव से ईश्वर सत्ता पर विश्वास कर अध्यात्म को मनाते हुए आगे बढ़ें, तभी हम अशांति से निकल सकते हैं। वे रविवार को शिमला के कालीबाड़ी हॉल में इस्कॉन शिमला द्वारा आयोजित हरे कृष्णा उत्सव में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
शहरी विकास मंत्री ने कहा कि भौतिकवादी जीवन के चलते समाज में अशांति है, लेकिन इस्कॉन के भगत गण दुनिया भर में हरे कृष्णा का महामंत्र करते हुए पूरे विश्व में एकात्मकता का संदेश संप्रेषित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब भी समाज अंधकार की ओर बढ़ता है तब-तब संत और ज्ञानी संसार में आकर जीवन को सही मार्ग पर चलने के लिए संदेश प्रदान करते हैं। इस्कॉन शिमला के अध्यक्ष आनंद दास ने मुख्य अतिथि को शॉल भेंट करके उनका स्वागत किया। इस्कॉन शिमला के अध्यक्ष आनंद दास ने मुख्य अतिथि को शॉल व श्रीमद भगवतगीता भेंट करके उनका स्वागत किया।
इस दौरान आईजीएमसी के एमएस डॉ. जनक राज, एचपीयू के लॉ विभाग की असोसिएट प्रो. डॉ. शालिनी कश्मीरा, हाईकोर्ट के एडवोकेट राजेश शर्मा, आईजीएमसी के नर्सिंग सुपरीटेंडेंट कुसुम मांटा बतौर विशेष अतिथि उपस्थित रही। संस्था की ओर से सभी विशेष अतिथियों को तुलसी का पौधा भेंट किया गया।
इस्कॉन शिमला के लिटिल वैष्णवा ग्रुप की ओर से भजनों पर जोरदार डांस प्रस्तुति की गई। डांस में रितिका, दिव्यांशी कुमकुम, कृतिका, प्राची, गौरंगी ने नरसिंह आरती के माध्यम से भक्त प्रहलाद की महानता पर प्रस्तुति दी। बच्चों की प्रस्तुति ने कार्यक्रम में रंग जमा दिया। वैभवी ने कृष्ण वंदना के अलावा राधा कृष्ण बोल बोल वैष्णव भजन पर नृत्य किया। इसके बाद इस्कॉन यूथ फोरम की ओर से फैमिली रिलेशनशिप पर स्किट पेश किया गया।
इस मौके पर इस्कॉन हिमाचल प्रदेश के जोनल सुपरवाईजर परम पूज्य भक्ति आश्रय वैष्णव स्वामी महाराज ने अपने वक्तव्य में समाज में रिलेशनशिप के विषय पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि निजी स्वार्थ के चलते आधुनिक दुनिया में रिलेशनशिप खराब होते जा रहे हैं। इसमें हमारा अहंकार आड़े आता है, एक परिवार में भी बच्चों का माता पिता के साथ रिलेशन खट्टा हो गया है। बचपन में माता पिता बच्चों को और आगे चल कर वही बच्चे अक्सर माता पिता की उपेक्षा करते हैं।
महाराज ने शास्त्रों से वशिष्ठ मुनि व विश्वामित्र की लीला वर्णन करके रिलेशनशिप को सुदृढ़ बनाने की शिक्षा दी। उन्होंने बताया कि कृष्ण एक शरनम ही हमें हमेशा जोड़े रखते हैं। कार्यक्रम इंचार्ज विष्णु गौर प्रभु, वृंदा देवी दासी, वंदना खांगटा, विशाखा, ऋषभ शर्मा, शिवांश, कांत द्रोपदी देवी दासी, राधा रूपी कृपा देवी दासी, माधवी मुकुंद देवी दासी, मोहिनी मोहन देवी दासी, रघुनंदिनी देवी दासी, रुकमिनि प्रेमा देवी दासी, हंसवतार प्रभु, विद्वान मुकुंद प्रभु, रेवती कांत प्रभु, अपूर्व दामोदर प्रभु, नित्य किशोरी देवी दासी, विनय भूषण शर्मा सहित अन्य सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
