शिमला। प्रदेश में सरकारी भर्तियों में मिलीभगत से पेपर लीक होना भाजपा सरकार की नाकामी को दिखाता है, जिसका खामियाजा बेरोजगार युवाओं को भुगतना पड़ रहा है। यह बात ब्लॉक कांग्रेस कमेटी जुब्बल-नावर-कोटखाई के अध्यक्ष मोतीलाल डेरटा ने कोटखाई में कहा। डेरटा ने कहा कि कुछ दिनों पहले JOA IT पेपर लीक का मामला प्रकाश में आया था और अब पुलिस भर्ती में लिखित परीक्षा का पेपर भी लीक होना हो गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार पिछले चार वर्षों में बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने में विफ़ल रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की उदासीनता के चलते प्रदेश में 14 लाख से अधिक पंजीकृत बेरोजगार युवाओं की फ़ौज खड़ी हो गई है।
मोतीलाल डेरटा ने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में पेपर लीक के मामले देखने को मिल रहे थे, जिसमें अब जयराम सरकार भी शामिल हो गई है। उन्होंने कहा कि JOA IT, जेबीटी सहित कई मामले सरकार की नाकामियों के चलते न्यायालय में विचाराधीन है, जिससे बेरोजगार युवाओं में आक्रोश है। उन्होंने पुलिस द्वारा गठित एसआईटी पर सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस विभाग भर्ती एजेंसी (Recruiting Agency) है और पुलिस विभाग की एसआईटी से मामले की निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं की जा सकती। मोतीलाल डेरटा ने प्रदेश सरकार से हाईकोर्ट के न्यायाधीश अथवा CBI से पुलिस भर्ती में पेपर लीक मामले की जांच करवाने की मांग की है।
