बिलासपुर। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राजिन्द्र गर्ग ने कहा है कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के कुशल नेतृत्व में जन सेवा के लिए समर्पित प्रदेश सरकार ने सभी वर्गों के समान विकास के लिए समुचित प्रावधान किए हैं। उन्होंने कहा कि विशेष तौर पर खाद्य, कृषि, पशुपालन व ग्रामीण विकास के लिए नए वित्त वर्ष में प्रमुखता दी गई है। वे शनिवार को घुमारवीं में लोगों/किसानों की समस्याओं का समाधान करने के उपरांत बोल रहे थे।
गर्ग ने कहा कि सरकार की किसान हितैषी योजनाओं के कारण कोरोना संकट में अर्थव्यवस्था को कृषि क्षेत्र ने सम्बल प्रदान किया है। उन्होंने कहा ने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के परिणाम बहुत ही उत्साहवर्धक रहे हैं और प्रधानमंत्री द्वारा भी इस क्षेत्र में हिमाचल के प्रयासों को सराहा गया है। प्रदेश में 50 हजार एकड़ भूमि को प्राकृतिक खेती के तहत लाने का प्रावधान किया गया है। योजना के तहत सभी पंचायतों में प्राकृतिक कृषि का एक-एक मॉडल विकसित कर आस-पास के किसानों को प्रशिक्षित व प्रोत्साहित करने में सहायता प्रदान की जा रही है।
खाद्य आपूर्ति मंत्री ने कहा कि किसानों की विपणन की समस्याओ को दूर करने के लिए नई किसान मण्डीयां स्थापित की जा रही हैं। किसानों को बाजार से सीधा जोड़ने के लिए किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) का गठन किया जा रहा है। आगामी वर्ष में 20 और एफपीओ गठित करने का प्रावधान किया गया है, जिनमें से 10 केवल प्राकृतिक कृषि पर आधारित होंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हींग व केसर की प्रायोगिक खेती के उपरान्त अब प्रदेश में दालचीनी एवं मोंक फ्रूट की खेती पायलट आधार पर प्रारम्भ करने से कृषि क्षेत्र में विविधता आएगी तथा कृषकों की आर्थिकी में सुधार होगा। किसानों को मक्की और गेहूं की उत्पादकता बढ़ाने तथा प्रदेश की पहाड़ी किस्मों के संवर्द्धन के लिए बीज उपदान के वर्तमान आवंटन को 5 करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपए करने व अन्य फसलों के उत्तम बीज उपलब्ध करवाने के लिए 3 करोड़ रुपए अतिरिक्त प्रावधान से किसानों को और अधिक लाभ मिलेगा।
राजिंद्र गर्ग ने कहा कि गौवंश के संरक्षण के लिए कृतसंकल्प प्रदेश सरकार के प्रयासों से गौशालाओं तथा गौसदनों में गौवंश की संख्या 6 हजार से बढ़कर 20 हजार हो गई है। उन्होंने आगामी वित्त वर्ष में 5 बड़े गौ-अभ्यारण्यों एवं गौसदनों की स्थापना, हिमाचली पहाड़ी गाय के संरक्षण के लिए उत्कृष्ट फार्म स्थापित करने तथा गौसदनों में आश्रित गौवंश के लिए गोपाल व्यवस्था के तहत अनुदान 500 से बढ़ाकर 700 रुपए करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार भी प्रकट किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने पिछले चार वर्षों में दुग्ध उत्पादन से जुड़े परिवारों के हितों की रक्षा के लिए दूध खरीद मूल्य में 7 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। इसे निरन्तरता प्रदान करते हुए दूध के मूल्य में 2 रुपए प्रति लीटर बढ़ोतरी से दुग्ध उत्पादकों को उचित मूल्य प्रदान किया जा रहा है।
